
रायगढ़. शहरी क्षेत्र में बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता को लेकर मापदंड में बदलाव किया गया है। पहले तो सड़क एम-20 में बनती थी। अब उन सड़कों को एम-30 में बनाया जाना है। एम-30 के मापदंड को लेकर छह माह पूर्व एक सौ से अधिक सड़कों का टेंडर और वर्क आर्डर जारी किया जा चुका है, लेकिन एक सड़क को छोड़ कर सभी सड़कों का काम लटका हुआ है। इसके पीछे एम 30 के संसाधन का अभाव है। यह संसाधन निगम में काम करने वाले एक ठेकेदार को छोड़ कर किसी के पास नहीं है। यह दूसरी बार है जब एम 30 को लेकर यह काम लटका हुआ है।
शहरी क्षेत्र में विकास का अभाव लंबे समय से बना हुआ है। विकास कार्य की इस शून्यता को दूर करने की मंशा से तात्कालीन आयुक्त लोकेश्वर साहू के शासन को पत्र भेजा गया था। इस पत्र में शहर के 48 वार्डों में 20-20 लाख रुपए के विकास कार्य भी दर्शाए गए थे। ऐसे में शासन ने सभी 48 वार्डों में 10-10 लाख रुपए के विकास कार्य स्वीकृत किए गए। वहीं निगम द्वारा इन विकास कार्यों में सड़क के कार्य का प्रस्ताव एम 20 में बना कर भेजा गया था।
ऐसे में शासन ने इस प्रस्ताव को एम 30 में बना कर भेजने का निर्देश भी दिया। इसकी वजह से शासन ने विकास कार्य के लिए राशि स्वीकृत होने के बाद भी काम नहीं हो सका। निगम के अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को बदलने में करीब चार से पांच माह लगा दिया। प्रस्ताव बदलने के बाद इसे शासन के पास भेजा गया। वहीं शासन से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई।
करीब छह माह पहले निगम के द्वारा शहर के विभिन्न 48 वार्डों में एक सौ से अधिक सड़क निर्माण के लिए टेंडर किया गया। टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गई, लेकिन सड़क का काम नहीं हो सका। इसमें पहले यह पेंच फंसा की। शहरी क्षेत्र में कई ऐसी गलियां है, जिसमें एम 30 का संसाधन नहीं पहुंच पाएगा। ऐसे में इस प्रस्ताव को राहत दी गई, और एम 30 की बजाए एम 20 से ही काम किए जाने की स्वीकृति दी गई, लेकिन जो सड़क बड़ी उन सड़कों में उन सड़कों में एम 30 से ही काम किया जाना है। अब इसमें संसाधन को लेकर पेंच फंस रहा है।
बताया जा रहा है कि नगर निगम क्षेत्र में 25 सड़कों का काम करने वाले ठेकेदार के पास तो एम 30 का संसाधन है, लेकिन शेष ठेकेदारों के पास संसाधन नहीं है। संसाधन नहीं होने की वजह से यह काम नहीं हो रहा है।
क्या है एम 30 व एम 20
विभागीय अधिकारियों की माने तो एम 30 के तहत मिच्चर प्लांट स्थापित किया जाना होता है। वहीं संबंधित प्लांट से ही सड़क निर्माण का मटेरियल मिक्स करते हुए निर्माण स्थल पर लाया जाता है। इसकी दूरी भी तय होती है। बताया जा रहा कि इस प्रकिया से सड़क निर्माण करने से गुणवत्ता ज्यादा रहती है। वहीं इसके अलावा एम 30 में सड़क निर्माण करने वाले स्थान पर ही मिच्चर मशीन से निर्माण सामग्री मिक्स करते हुए निर्माण किया जाता है। हालांकि इसमें भी गुणवत्ता रहने की बात कही जा रही है।
10 फीसदी सड़कों को राहत
शासन ने शहर की सड़कों पर सीसी सड़क निर्माण के लिए मापदंड तय कर दिया, लेकिन इसमें सबसे ज्यादा समस्या छोटी-छोटी गलियां वाले स्थानों पर निर्माण पर सामने आई। शहर में ऐसे कई क्षेत्र है, जहां बड़ी मुश्किल से रिक्शा जाता है। ऐसे में क्षेत्रों में सड़क निर्माण के लिए एम ३० का संसाधन तो दूर की बात एम 20 का संसाधन भी नहीं पहुंचता। इस बात को लेकर कुछ ठेकेदार पूर्व में निगम के अधिकारियों से मिले थे। ऐसे में इस बात को लेकर शासन से मार्ग दर्शन मांगा गया। इसके बाद शासन ने ढ़ाई मीटर से कम चौड़ाई वाली सड़कों को एम 30 के दायरे से छूट प्रदान की।
-जिस सड़क में संसाधन पहुंच सकता है, उसे एम 30 से बनाया जाएगा। वहीं जहां संसाधन नहीं पहुंच सकता वहां एम 20 से ही काम होगा। जल्द ही शेष स्थानों का काम शुरू होगा- आरके भोजसिया, ईई, नगर निगम
Published on:
01 Jan 2018 07:47 pm
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