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पकड़ में नहीं आ रहे चिटफंड कपंनी के आरोपी

कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर भोले-भाले ग्रामीणों को कई कपंनी के द्वारा फंसा लिया जाता है। इसके बाद उन ग्रामीणों के लाखों रुपए को मौका पाकर चिटफंड कंपनी फरार हो जाती है और पिछले कई सालों में रायगढ़ में भी ऐसी चिटफंड कपंनी ने लोगों को चूना लगा चुकी है। जिसके आरोपी पुलिस गिरफ्त में नहीं आ रहे हैं। ऐसे में लोगों की रुपए भी उन्हें वापस नहीं मिल सकी है।

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Piyushkant Chaturvedi

Jan 12, 2017

Besides, the accused has not come to grips chit

Besides, the accused has not come to grips chit

रायगढ़.
कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर भोले-भाले ग्रामीणों को कई कपंनी के द्वारा फंसा लिया जाता है। इसके बाद उन ग्रामीणों के लाखों रुपए को मौका पाकर चिटफंड कंपनी फरार हो जाती है और पिछले कई सालों में रायगढ़ में भी ऐसी चिटफंड कपंनी ने लोगों को चूना लगा चुकी है। जिसके आरोपी पुलिस गिरफ्त में नहीं आ रहे हैं। ऐसे में लोगों की रुपए भी उन्हें वापस नहीं मिल सकी है।


जिले में पुलिस ने करीब 22 चिटफंड कपंनियों के खिलाफ पूर्व में अलर्ट जारी किया था। ये वही कपंनी है, जो लोगों को कम समय में अधिक मुनाफा का लालच देकर कई लोगों को अपना शिकार बना चुकी है। प्रारंभ में कई तरह की स्कीम बता कर चिटफंड कपंनियों के द्वारा ग्रामीणों को ठगते हैं और शुरू में तो विश्वास दिलाने के लिए अपने ग्राहकों से सही तरह से लेनदेन करते हैं और जब विश्वास में रख कर मोटी रकम ऐंठ ली जाती है, तो मौका पाकर यहां से फरार हो जाते हैं। पूर्व में भी रायगढ़ में कई इस तरह की कपंनियों का नाम उजागर हो चुका है और चिटफंड कंपनियों का शिकार बने लोगों ने इसकी शिकायते भी थाना में की है। पुलिस के द्वारा अपराध तो दर्ज कर लिया गया हैए लेकिन चिटफंड कपंनियों के लोगों की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। ऐसे में जो लोग चिटफंड कपंनियों का शिकार हुए हैं। उन्हें अब तक उनके रकम भी नहीं मिल सका है और पुलिस सिर्फ जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का हवाला देकर मामले को लंबित करने में लगे हुए हैं।


नहीं मिल पाता है सुराग-
सूत्रों की माने तो चिटफंड कपंनियों का तार महानगरों से जुड़ा होता है। प्रारंभ में किसी जिले में एक ब्रांच ऑफिस खोल एजेंट के माध्यम से जिले के कार्यालय में लेनदेन किया जाता है। इसके बाद जब वे फरार हो जाते हैं, तो उसका कोई भी सुराग नहीं मिल पाता है। इस कारण भी एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाती है।


फेसबुक पर कर रहे अलर्ट-
रायगढ़ पुलिस का फेसबुक पर एक एकाउंट भी बना हुआ है। जिसमें पुलिस की उपलब्धियों का आदान.प्रदान किया जाता है। वहीं पिछले दिनों पुलिस के द्वारा चिटफंड कपंनियों से बचने के लिए फेसबुक पर एक मैसेज भी पोस्ट किया था। जिसमें चिटफंड कपंनियों से बचने के कई प्रकार के उपाए बताए गए हैं।


यह है चिटफंड कपंनियां-
एचबीएन डेयरी एंव एलाइट लिमिटेड, ग्रीन रेड इंटरनेशनल लिमिटेड, पीएसी इंडिया लिमिटेड, सांई प्रकाश प्रापर्टी डेवलेपमेंट लिमिटेड, पीजीएफ लिमिटेड, ईवर लाईट रियलकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, संजीवनी फाइनेंस प्रायवेट लिमिटेड, जेएसआर फाइनेंस कंपनी, वैल्थ क्रिएटर व रुचि रियल स्टेट कंपनी, डिमोनेट मार्केटिंग एंड रियल ट्रेडिंग कंपनी, रियल गोर फार्मिंग प्रायवेट कंपनी, आस्था गोर फार्मिंग प्रायवेट कंपनी, यालको बचत एवं साख सहकारी समिति मर्यादित कपंनी लिमिटेड, एडीवी कापोर्रेटिव सोसायटी, रिलायंस मेगा प्रोजेक्ट लिमिटेड कंपनी, माइक्रो फायनेंस केंडिट कापोर्रेशन कंपनी, एलसीजीओ कंपनी, फाईन इंडिया कंपनी, वसुंधरा रियलकॉम लिमिटेड कंपनी, फ्यूचर गोल्ड इंफ्राबाइंड इंडिया कंपनी, बीएम गोल्ड रियल एस्टेट एलाइड कंपनी, जय मां धनवर्षा रियल एस्टेट इंडिया कंपनी, गुरू सांई रियल स्टेट कपंनी