
आरपीएफ में कैंप कोर्ट का हुआ आयोजन
रायगढ़. यात्री ट्रेनों में अवैध वैंडिंग व यात्रियों से बदसलुकी करने वालों पर आरपीएफ द्वारा ११३ लोगों पर कार्रवाई की गई थी। जिसके निपटारा के लिए गुरुवार को कैंप कोर्ट लगाया गया था, जिसमें दोषी पाए जाने वालों पर जुर्माना लगाया गया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार यात्री ट्रेनों में अवैध वैंडिंग, चैन पुलिंग, न्यूसेंस सहित अन्य मामले में ११३ लोगों पर कार्रवाई की गई थी, जिससे सभी मामलों को बिलासपुर भेजा गया था। ऐसे में मामला अधिक होने के कारण गुरुवार को रायगढ़ आरपीएफ पोस्ट में कैंप कोर्ट लगाया गया। जिसमें बिलासपुर रेलवे मजिस्ट्रेट पवन अग्रवाल दोपहर १२ बजे सडक़ मार्ग से पहुंचे और सभी मामलों में जुर्माना लगाते हुए समझाईश देकर छोड़ा गया। वहीं आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजेश वर्मा ने बताया कि कुल ११३ केस में सबसे ज्यादा अवैध वैंडिंग के ७० मामले थे, वहीं ट्रेन में यात्रियों से बदसलुकी के मामले में २० किन्नरों पर कार्रवाई हुई थी, इसके साथ ही धारा १४१ के तहत चैन पुलिंग मामले में १० लोगों पर कार्रवाई हुई थी। साथ ही पांच केस न्यूसेंस का तथा रेलवे एरिया में अवैध रूप से घुमने वाले सात लोगों पर कार्रवाई की गई थी। जिससे सभी मामलों में मजिस्ट्रेट पवन अग्रवाल ने इन आरोपियों पर ६७ हजार ६०० रुपए का जुर्माना लगाते हुए समझाईश दिया है। साथ ही हिदायत दी गई है कि अगर दोबारा इस तरह के मामले आते हैं तो जुर्माना की राशि बढा दी जाएगी।
ट्रेन नहीं होने से बढ़ गई थी समस्या
गौरतलब हो कि सप्ताहभर पहले से आरपीएफ द्वारा सभी ११३ मामले में शामिल लोगों को कैंप कोर्ट में पहुंचने के लिए बोला गया था, लेकिन गुरुवार को यात्री ट्रेनों के परिचान नहीं होने के कारण आरोपियो को आने में दिक्कत हुई। जिससे दोपहर तक तो ऐसा लग रहा था कि पूरा केस का निपटारा नहीं हो पाएगा, लेकिन दोपहर में बीआर आने के बाद सभी लोग पहुंच गए, जिससे शाम चार बजे तक सभी मामले का निपटारा हो सका।
Published on:
22 Sept 2022 08:07 pm
बड़ी खबरें
View Allरायगढ़
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
