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Smart Meter: स्मार्ट मीटर लगते ही बढ़ी लोगों की टेंशन, बिल देख लग रहे झटके, मची खलबली

Smart Meter: स्मार्ट मीटर लगते ही लोगों को बिजली बिल का तगड़ा झटका लग रहा है। कई उपभोक्ताओं ने इसकी शिकायत बिजली विभाग में की है…

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CG Smart Meter

CG Smart Meter ( Photo - Patrika )

CG Smart Meter: बिजली विभाग द्वारा शहर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम किया जा रहा है। जिन घरों में स्मार्ट मीटर लग रहा है उसमें कई उपभोक्ताओं को मीटर बदलने के बाद पुराने मीटर के रीडिंग के आधार पर बिल थमाने के बजाए एवरेज बिल थमाया जा रहा है, जिसको लेकर उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के पूर्व सुधार कराना पड़ रहा है।

Smart Meter: प्री-पेड मीटर सिस्टम चालू होना है..

शहर में प्री-पेड मीटर सिस्टम चालू होना है इसके लिए शहर के आवासीय व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। इन दिनों विभाग का पूरा फोकस मीटर बदलने में है ऐसी स्थिति में जिन उपभोक्ताओं के यहां मीटर बदलने के पूर्व रीडिंग हो गया है वहां तो बिल सही आ रहा है, लेकिन जिन उपभोक्ताओं के यहां मीटर बदलने के बाद रीडिंग लिया जा रहा है वहां पर एवरेज बिल थमाया जा रहा है।

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जबकि पुराने मीटर में रीडिंग का रिकार्ड विभाग के पास उपलब्ध है इसके बाद भी मनमाने रूप से मीटर रीडर एवरेज बिल थमाया जा रहा है। इसके कारण ऐसे उपभोक्ताओं को बिल पटाने के पूर्व बिल में सुधार कराना पड़ रहा है। विभाग में बिल सुधार कराने के लिए आए कुछ उपभोक्ताओं ने चर्चा के दौरान नाम न बताने के शर्त पर बताया कि मीटर बदलने के बाद मीटर रीडर द्वारा एवरेज बिल थमाया गया है।

बिल के नाम पर अतिरिक्त यूनिट का बिल

जिसमें पुराने मीटर में दर्ज रीडिंग से करीब 50-100 यूनिट अधिक का बिल दिया गया है अगले माह रीडर द्वारा नए मीटर का पूरा रीडिंग लेकर बिल थमाया जाएगा ऐसे में वर्तमान में एवरेज बिल के नाम पर अतिरिक्त यूनिट का बिल क्यों थमाया जा रहा है। हांलाकि उन्होने यह भी बताया कि विभाग में इसकी शिकायत के बाद बिल में सुधार की कार्रवाई कर दी गई है। रोजाना ऐसे ही कई उपभोक्ता बिल में सुधार कराने के लिए विभाग पहुंच रहे हैं।

मीटर का है शार्टेज, इसलिए काम की गति धीमी

बिजली मीटर बदलने का काम जो कंपनी कर रही है उसके कर्मचारियों की माने तो शहर में वर्तमान में करीब 45 प्रतिशत मीटर बदलने का काम किया जा चुका है। वहीं कुछ क्षेत्रों में नए मीटर लगाने के लिए आ रहे आवेदनों को पेंडिंग में रखा गया है इसके पीछे कारण स्मार्ट मीटर की कमी बताई जा रही है।

ऐप के कारण भी आ रही है समस्या

विभागीय सूत्रों की माने तो वर्तमान में विभाग में जो एप चल रहा है वह पुराने मीटर के हिसाब से था वहीं नए मीटर के लिए अभी एप तैयार नहीं हुआ है जिसके कारण बिल में समस्या आ रही है। हांलाकि नया एप जल्द ही आने की बात कही जा रही है।

पहले लेनी होगी रीडिंग

जानकारों की माने तो वर्तमान में मीटर रीडर अपने हिसाब से रीङ्क्षडंग ले रहे हैं और संबंधित कंपनी अपने हिसाब से मीटर बदलने का कार्य कर रहे हैं। अगर किसी क्षेत्र में मीटर बदलने के पूर्व रीडर द्वारा रीडिंग ले लिया जाए तो एवरेज बिल की समस्या नहीं आएगी।

ईई जोन वन, बी.साहू ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं का एवरेज बिल का शिकायत आ रहा है उसमें पुराने मीटर के रीडिंग के आधार पर सुधार किया जा रहा है।