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प्रसव पीडि़ता व अजनमे बच्चे की उपचार के दौरान मौत

0 सही उपचार नहीं होने का परिजन लगा रहे आरोप

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प्रसव पीडि़ता व अजनमे बच्चे की उपचार के दौरान मौत

रायगढ़. गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन सही समय से उपचार नहीं हो पाने के कारण महिला व उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम किया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार नौरंगपुर निवासी कुसुम सिदार (२६वर्ष) की विगत साल १० अप्रैल २०२२ को पुसौर थाना क्षेत्र के कोतासुरा निवासी बदरीनाथ सिदार से समाजिक रीति-रिवाज के साथ शादी हुई थी। जिससे कुसुम अपने परिवार के साथ हंसी-खुशी से रह रही थी। इस दौरान गर्भवती होने के बाद उसका उपचार पुसौर अस्पताल से चल रहा था। ऐसे में गुरुवार को कुसुम प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने जचकी के लिए पुसौर अस्पताल लेकर गए, जहां पूरे दिन इलाज चला लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने पर डाक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए एमसीएच अस्पताल रायगढ़ रेफर कर दिया। जिससे गुरुवार को रात में यहां भर्ती कराया गया और उपचार शुरू हुआ, लेकिन यहां कभी प्रसव पीड़ा होता था तो कभी बंद हो जाता था, ऐसे में पूरी रात निकल गई, लेकिन उसका डिलिवरी नहीं हो पायी, जिससे शुक्रवार को सुबह पीडि़ता को लेबर रूम में लेकर गए तो उसे पसीना आने लगा और पल्स लगातार गिरने लगा, जिससे उसकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई। ऐसे में गंभीर स्थिति को देखते हुए डाक्टरों ने उसे शुक्रवार को सुबह मेडिकल कालेज अस्पताल रेफर कर दिया, जिससे मेकाहारा जब परिजन लेकर पहुंचे तो यहां उपचार के पहले उसकी मौत हो गई, साथ ही डाक्टरों ने जांच किया तो गर्भ में पल रहे बच्चे की पहले से मौत होना बताया गया।
नए मेहमान के आने का था इंतजार
इस संबंध में मृतिका के परिजनेां ने बताया कि उसके घर में अभी छोटा बच्चा नहीं था, ऐसे में ये पहला नया मेहमान आने वाला था, जिसको लेकर पूरा परिवार पलके बिछाए इंतजार कर रहा था, लेकिन बच्चा संसार में आने से पहले ही दम तोड़ दिया, जिसको लेकर पूरा परिवार सदमे हैं।
परिजनों ने लगाया आरोप
इस संबंध में मृतिका के परिजनों का कहना है कि प्रसव पीड़ा जैसे ही शुरू हुआ उसे अस्पताल लेकर पहुंचे थे, ताकि सही-सलामत डिलिविरी हो सके, लेकिन तीन-तीन अस्पताल घुमने के बाद के बाद भी मौत हो गई। वहीं बताया जा रहा है कि गुरुवार को सुबह से ही पीडि़ता को रक्तस्राव शुरू हो रहा था, इसके बाद भी डाक्टरों द्वारा सिजेरियन नहीं किया गया और नार्मल डिलिवरी का इंतजार करते रहे, वहीं शुक्रवार को सुबह में एमसीएच में जांच किया गया तो पता चला कि गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई है। ऐसे में अगर समय रहते सही उपचार हुआ होता तो जच्चा-बच्चा दोनों की शायद जान बच जाती।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
इस संबंध में जिला अस्पताल के सीविल सर्जन आरएन मंडावी ने बताया कि गुरुवार को महिला पुसौर अस्पताल में भर्ती थी, जिसे रात करीब १२ बजे वहां से रायगढ़ रेफर किया गया, जिससे करीब दो बजे रात में एमसीएच में पहुंची, जहां जांच करने पर पता चला कि गर्भ में पल रहे बच्चे की धडक़न पहले से ही बंद हो गई थी। ऐसे में जब लेबर रूम में लेकर पहुंचे तो पीडि़ता का लगातार पल्स गिरना शुरू हो गया, जिससे उसे तत्काल मेडिकल कालेज अस्पताल भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। साथ ही सीविल सर्जन ने बताया कि पीडि़ता के शरीर में ब्लड की भी कमी थी, जिसके चलते उसकी मौत हुई है।