
रायगढ़. गुरुघासी दास जयंती के अवसर पर हजारों की भीड़ सीएम से उम्मीद लेकर बैठी थी कि आज उनकी वर्षों की मुराद पूरी हो जाएगी, पर उनकी ये चाहत पूरी नहीं हो सकी। हालांकि सीएम ने उनके उम्मीद को झटका नहीं दिया है, बरकरार रखा है। सारंगढ़ में सोमवार को गुरुघासी दास जयंती के अवसर पर सीएम रमन सिंह सारंगढ़ आए थे, उनका कार्यक्रम गुरुघासीदास पुष्पवाटिका में आयेाजित था। सीएम के इस दौरे को वहां के हजारों लोग अपने लिए एक सौगात मान रहे थे, उनके मन में ये बात थी कि कहीं न कहीं उनकी वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हो जाएगी क्योंकि एक तो गुरुघासीदास जयंती का अवसर है, दूसरा दिसंबर का महीना है, पर ऐसा हो नहीं सका।
विदित हो कि वर्षों से सारंगढ़ को अलग जिला बनाने की मांग लोगों की ओर से की जा रही है। लगातार अभियान, मुलाकात और जनसंवाद का कार्यक्रम जिला बनाने की मांग को हवा देने के लिए किया जा रहा है। यहां तक कि पूर्व के वर्षों में सीएम ने भी खुद सारंगढ़ को जिला बनाने का आश्वासन दिया था। ऐसे में इस बार भी 18 दिसंबर गुरुघासीदास जयंती के अवसर पर लोगों की उम्मीद इतनी बलवती थी कि बस सीएम घोषणा करने ही वाले हैं, पर उस वक्त लोगों को निराश हाथ लगी जब सीएम के भाषण में सारंगढ़ जिला बनाने की घोषणा नहीं हो सकी।
हालांकि सीएम रमन सिंह ने लोगों की उम्मीद को तोड़ा नहीं है और इस बात की आस यह कहकर दिलवाई कि प्रदेश में अब जब भी नए जिले की बात होगी तो सारंगढ़ का नाम पहला होगा। सीएम ने अपने दस से 15 मिनट के भाषण में जिला बनाने की बात पर केवल दो लाइन ही अपनी बात रखी कि उन्होंने कहा कि प्रदेश अब जब भी नए जिले बनाए जाएंगे उसमें सारंगढ़ का नाम पहला होगा। ऐसे में तात्कालिक तौर पर लोग काफी मायूस दिखे।
Published on:
18 Dec 2017 03:11 pm
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