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रायगढ़

धरमजयगढ़ नगर पंचायत में अपनी सरकार नहीं बचा सकी कांग्रेस

नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में पड़े ११ मतपद१३ मार्च को आयोजित किया जाना था बैठक

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रायगढ़. धरमजयगढ़ नगर पंचायत में कांग्रेस अपनी सरकार नहीं बचा सकी। नगर पंचायत अध्यक्ष को लेकर लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में ११ मत पड़े। वहीं पक्ष में चार मत मिले। ऐसे में धरमजयगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष तरुण श्याम साहू पद से हटाई गई। उल्लेखीनीय है कि नगर पंचायत धरमजयगढ़ के १५ वार्डों में भाजपा के ८, कांग्रेस के ६ और एक निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। ओबीसी महिला के लिए आरक्षित सीट में एक मात्र ओबीसी महिला कांग्रेस से निर्वाचित हुई थी। ऐसे में उसे निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गई। पिछले कुछ वर्षों से अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर नाराजगी चल रही थी। इस बात को लेकर नपं के पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए पत्र कलेक्टर को दिया। इससे पहले १३ मार्च को अविश्वास प्रस्ताव के लिए सम्मेलन आयोजित किया गया था, लेकिन पीठासीन अधिकारी की तबियत खराब होने से यह बैठक टल गई। आज २८ मार्च को इसकी बैठक ११ बजे शुरू हुई। दोपहर एक बजे तक मतदान की प्रक्रिया हुई। इसमें सभी १५ वार्ड के पार्षदों की उपस्थिति रही। परिणाम यह रहा कि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में ११ मत पड़े।
सुबह से ही नगर पंचायत में गहमा गहमी शुरू हो गई थी। नगर पंचायत के सभाकक्ष में 11 बजे से सम्मिलन की शुरुआत हुई। दोपहर 12 बजे से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष वार्ड क्रमांक दो के पार्षद टीकाराम पटेल ने कहा कि नगर की जनता बहुत उम्मीद करके हमें चुनकर भेजी है। धरमजयगढ़ एक छोटा सा नगर है। हम एक दूसरे से चिर परिचित हैं। हम लोग अलग अलग पार्टी से चुनकर जरूर आए हैं, लेकिन सभी का मकसद अपने अपने वार्ड के साथ नगर विकास प्रमुख है। आज हमारी स्थिति यह है कि एक लाइट लगाने के लिए धरना में बैठना पड़ रहा है। धूल उड़ती सड़क में पानी छिड़कने के लिए सत्तारुड़ दल कांग्रेस के पार्षदों को चक्काजाम जैसे आंदोलन करना पड़ता है। नगर के कई वार्डों में बिजली पानी सड़क नाली कि समस्या है, लेकिन इन सभी कार्यों को अनदेखा कर अपने ही वार्ड कि विकास करने में मशगूल है। नगर पंचायत के सभी कर्मचारियों से लडऩा इनकी आदत है। स्विपर से लेकर सफाई कर्मी दीदियों से लडऩा विभागीय कर्मचारियों से लडऩा इनका आदत है। कोई अधिकारी पार्षदों को विश्वास में लेकर कुछ करना चाहते है तो उनके खिलाफ थाना में झूठा आरोप लगाया जाता है द्य अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का समर्थन करते हुए वार्ड क्रमांक तीन के वरिष्ठ पार्षद सुरेश राठिया ने कहा की नगर पंचायत अध्यक्ष का व्यवहार हमेशा सौतेला रहता है
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