
रायगढ़. जल कर से टैक्स वसूली में निगम कई वर्षांे से पिछड़ता जा रहा है। इसके पीछे भागीरथी योजना भी एक कारण माना जा रहा है। इस योजना के तहत शासन का ही रूख स्पष्ट नहीं है कि वह योजना में किसे पात्र मान रहा है और किसे अपात्र ऐसे में कई ऐसे हितग्राही हैं जो संपत्ति कर के दायरे में आते हैं, लेकिन जब जल टैक्स जमा करने की बात आती है तो अपने आप को भागीरथी योजना का हितग्राही बताते हैं।
इसकी वजह से यह मामला अभी तक उलझा है। इस समस्या को लेकर नगर निगम के एल्डर मैन ने शासन को पत्र भेजा है, ताकि इसमें स्थिति स्पष्ट होने के बाद निगम के राजस्व में बढ़ावा हो सके। शासन को भेज गए पत्र पर गौर करे तो नगर निगम क्षेत्र में जल का उपयोग करने वाले दो प्रकार के हितग्राही है।
एक भागीरथी नल जल योजना के तहत हितग्राही है। भागीरथी योजना का लाभ बीपीएल परिवार के लोगों को ही दिया जाना है। शासन के योजना अनुसार इन हितग्राहियों को प्रतिमाह 60 रुपए जल कर के रूप में टैक्स देना निर्धारित है। वहीं दूसरे सामान्य हितग्राही है। ये ऐसे हितग्राही हैं जो संपत्ति कर के दायरे में आते हैं। इन हितग्राहियों को जल कर के रूप में प्रतिमाह दो सौ रुपए लिया जाना है।
खास बात यह है कि कई ऐसे लोगों का बीपीएल परिवार की श्रेणी में हैं, जो अपात्र है। वहीं इन अपात्रों के नाम से बीपीएल का राशन कार्ड भी जारी किया गया। ऐसे में इन हितग्राहियों के द्वारा भी बीपीएल राशन कार्ड के आधार पर भागीरथी योजना का लाभ लेते हुए नल कनेक्शन लिया है।
खास बात यह है कि ऐसे कई हितग्राही है, जो संपत्ति कर के दायरे में आते हैं। वहीं संपत्ति कर के दायरे में आने वाले हितग्राहियों को न तो भागीरथी योजना का लाभ दिया जाना है और ना ही बीपीएल परिवार का लाभ दिया जाना है। खास बात यह है कि शासन से भी यह स्पष्ट नहीं है कि संपत्ति के दायरे में आने वाले लोगों को भागीरथी योजना का लाभ दिया जाएगा या नहीं।
ऐसे में संपत्ति के दायरे में आने वाले हितग्राही भी भागीरथी योजना के तहत जल कर जमा करते हैं। ऐसे जिन हितग्राहियों से निगम को जल कर के रूप में प्रतिमाह दो सौ रुपए लेना चाहिए, उन हितग्राहियों से निगम प्रतिमाह ६० रुपए ले रही है। इसकी वजह से हर साल निगम जल टैक्स की वसूली में पिछड़ रही है।
नहीं आ सका जवाब
इस तरह यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि संपत्ति कर के दायरे में आने वाले हितग्राहियों को भागीरथी योजना का लाभ दिया जाएगा या नहीं। इस बात को लेकर एल्डर मैन सुगनचंद फरमानिया ने शासन को पत्र भेजा है। यह पत्र २९ दिसंबर २०१७ को भेजा गया। एल्डर मैन को पत्र भेजे करीब तीन माह से अधिक समय हो गया, लेकिन अब तक इसका जवाब नहीं आ सका।
कौन आता है संपत्ति के दायरे में
नगर निगम के द्वारा स्व निर्धारण पत्रक बनाया गया है। इस स्व निर्धारण पत्रक में जोन के अनुसार टैक्स निर्धारित है। संबंधित व्यक्ति के संपत्ति का वार्षिक भाड़ा मूल्य इसी पत्रक से निकाला जाता है, जिस व्यक्ति का संपत्ति कर छह हजार से अधिक होता है वह संपत्ति कर के दायरे में आता है। हालांकि ईडब्ल्यूएस भूमि में रहने वाले लोगों को इससे मुक्त रखा गया है। ईडब्ल्यूएस भूमि का वार्षिक भाड़ा मूल्य यदि छह हजार से ऊपर का भी हो तो वह संपत्ति कर के दायरे में नहीं होगा।
जल कर का यह है कर निर्धारण
गैर संपत्ति कर दाता हितग्राही 60 रुपए प्रतिमाह
भागीरथी योजना का हितग्राही 60 रुपए प्रतिमाह
संपत्ति कर दाता हितग्राही 200 रुपए प्रतिमाह
जल टैक्स जमा करने वाले संपत्ति कर दाता हितग्राही व गैर संपत्ति कर दाता हितग्राही में असमंजस की स्थिति है। इस बात को लेकर शासन को पत्र भेजा गया है। पत्र आने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है- सुगनचंद फरमानिया, एल्डर मैन, नगर निगम
Published on:
03 Apr 2018 07:46 pm

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