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तेंदूपत्ता संग्रहण में पिछड़ा विभाग, इसलिए लक्ष्य में 3 हजार कर दी गिरावट

वर्ष 2017 में 63, 800 मानक बोरा था लक्ष्य, इस बार 60, 700 तय

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वर्ष 2017 में 63, 800 मानक बोरा था लक्ष्य, इस बार 60, 700 तय

वर्ष 2017 में 63, 800 मानक बोरा था लक्ष्य, इस बार 60, 700 तय

रायगढ़. तेंदूपत्ता संग्रहण में हितग्राहियों के मोह भंग होने के असर उसके संग्रहण कार्य पर भी दिख रहा है। वर्ष 2017 में जब शासन द्वारा मिले लक्ष्य को पाने में विभाग पीछे रह गया तो इस बार के संग्रहण लक्ष्य में करीब 3100 प्रति मानक बोरा में कमी कर दी गई है। विभाग को इस बार 60 हजार 700 प्रति मानक बोरा का लक्ष्य मिला है। इस बात को विभागीय अधिकारी भी मान रहे हैं। हलांकि इस बार हितग्राहियों द्वारा बेहतर संग्रहण की उम्मीद भी विभागीय अधिकारी जता रहे हैं।

तेंदूपत्ता संग्रहण को लेकर समिति स्तर पर हितगाहियों को जागरुक करने की पहल तेज कर दी गई है। मामला संग्रहा कार्य में पिछले कुछ वर्षो से रायगढ़ वन मंडल के पिछडऩे की बात कही जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 मेंं शासन स्तर पर विभाग को 63 हजार 800 प्रति मानक बोरा का लक्ष्य दिया गया थ।

पर विभाग ने उस लक्ष्य को पार नहंी कर सका और करीब 58 हजार पर ही सिमट कर रह गया। ऐसे में, पिछले 2-3 सालों के संग्रहण लक्ष्य को देखते के बाद शासन स्तर पर लक्ष्य में कमी लाने की पहल की गई है। वर्ष 2018 में विभाग को 60 हजार 700 प्रति मानक बोरा का लक्ष्य दिया गया है। जो पिछले लक्ष्य से करीब 3100 प्रति मानक बोरा कम हैं।

ऐसे में, विभाग द्वारा इस बार संग्रहण लक्ष्य को पार करने को लेकर मशक्कत की कवायद जारी है। विभागीय अधिकारियों की माने तो तेंदूपत्ता के बेहतर संग्रहण कार्य को लेकर हितग्राहियों को जागरुक करने की पहली की जा रही है। पिछले दिनों कार्यशाला के माध्यम से भी उन्हें अहम जानकारियां दी गई थी। जिससे तेंदूपत्ता के बेहतर पत्ते का चयन का उनके द्वारा संग्रहण कार्य को किया जा सके।

लक्ष्य में इस बार करीब 3100 प्रति मानक बोरा की कमी
तेेंदूपत्ता संग्रहण के लक्ष्य में इस बार करीब 3100 प्रति मानक बोरा की कमी की गई है। पिछले कुछ सालों के रिकार्ड को देखते हुए यह उतार चढ़ाव का दौर चलते रहता है। पिछली बार विभाग लक्ष्य से कुछ दूर रह गया था।
-आरके सिंह सिसोदिया, एसडीओ तेंदूपत्ता रायगढ़।