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ऐसा क्या हुआ कि भक्तों को महादेव के दर्शन के लिए लांघनी पड़ी दीवार, पढि़ए खबर…

- मंगलवार की सुबह से ही शहर के ऐतिहासिक निकले महादेव मंदिर के बाहर था खलबली का आलम

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ऐसा क्या हुआ कि भक्तों को महादेव के दर्शन के लिए लांघनी पड़ी दीवार, पढि़ए खबर...

रायगढ़। शहर के प्रसिद्ध व ऐतिहासिक निकले महादेव मंदिर के मुख्य गेट में ताला लगाकर रात से ही गार्ड गायब है। ऐसे में मंगलवार को जहां सुबह के दौरान मार्निंग वाकर परेशान रहे वहीं पूजा के लिए आने वाले भक्त भी परेशान रहे। मंगलवार की सुबह से ही शहर के ऐतिहासिक निकले महादेव मंदिर के बाहर खलबली का आलम था, सुबह पांच बजे से जहां मार्निंग वाकर्स की भीड़ मंदिर के बाहर जमा थी वहीं सात बजे के बाद भी भक्तों की भीड़ लग गई थी।

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कारण यह था कि इस मंदिर के बाहर के तीनों गेट में ताला बंद था। लोगों की समझ में यह नहीं आ रहा था कि आखिर ताला बंद क्यों है। ऐसे में वहीं पर मौजूद लोगों की ओर से कई प्रकार की बातें कही जा रही थी। कोई कह रहा था कि ये गार्ड की लापरवाही है उसने जानबूझकर ऐसा किया है। वहीं किसी का कहना था कि छह माह से गार्ड को वेतन नहीं दिया गया है ऐसे में नाराज होकर गार्ड ने ताला लगा दिया है। वहीं एक और बात यह सामने आई कि इस मंदिर में गार्ड की तैनाती को लेकर दो गुट आपस में आमने-सामने आ गए हैं, ऐसे में हर गुट अपने आदमी को इस पद पर लाना चाहता है इसकी खींचतान का खामियाजा मार्निंग वाकर्स और भक्तों को उठाना पड़ रहा है।

क्या है परेशानी
शहर का निकले महादेव मंदिर जय सिंह तालाब पर स्थित है। सौंदर्यीकरण योजना के तहत इस तालाब को पार्क का रूप दे दिया गया है। इसके कारण यहां पर हर दिन सुबह और शाम को बड़ी संख्या में लोग वॉक करने के लिए आते हैं। परेशानी की बात यह है कि इस पार्क के अंदर ही मंदिर स्थित है जबकि मुख्य द्वार पार्क के बाहर है इसके अलावा दो और गेट हैं, रात के समय इन गेटों पर ताला बंद कर दिया जाता है और अगले दिन सुबह लोगों के लिए खोल दिया जाता है।

दीवार फांदकर पहुंचे भक्त
सुबह का नजारा ऐसा हो गया था कि मंदिर में प्रवेश का रास्ता बंद होने के कारण लोग या तो अपनी पूजा की थाल लेकर वापस लौट रहे थे या फिर दीवार को फांदकर मंदिर में पूजा करने पहुंचे, वहीं कुछ लोगों ने तो सड़क पर से ही भगवान को नमस्कार किया और चलते बने।

तभी स्थिति हो सकेगी स्पष्ट
लोगों की ओर से इस मामले में तीन प्रकार की बातें कही जा रही है। ऐसे में जब तक निगम की ओर से इस मामले को स्पष्ट नहीं किया जाता है तब तक कुछ भी कहना या किसी निर्णय पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सुबह होने के कारण लोग चुप थे पर दिन के समय निगम में जाकर इसकी जानकारी लेने की भी बात कही जा रही थी।