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शिक्षाकर्मियों से शिक्षक बने कर्मियों को नहीं मिल रहा वेतन, शिक्षा विभाग और जिला पंचायत के बीच फंसा पुनरीक्षित वेतनमान का मामला

शिक्षाकर्मी जिनका संविलयन एलबी टी और एलबी ई वर्ग में हो चुका है उनका पुनरीक्षित वेतनमान व समयमान वेतन मान का आदेश जिला पंचायत से होना है या फिर शिक्षा विभाग से होना है इसको लेकर दोनों ही विभाग में असमंजस की स्थिति है।

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शिक्षाकर्मियों से शिक्षक बने कर्मियों को नहीं मिल रहा वेतन, शिक्षा विभाग और जिला पंचायत के बीच फंसा पुनरीक्षित वेतनमान का मामला

शिक्षाकर्मियों से शिक्षक बने कर्मियों को नहीं मिल रहा वेतन, शिक्षा विभाग और जिला पंचायत के बीच फंसा पुनरीक्षित वेतनमान का मामला

रायगढ़. शिक्षाकर्मियों के पुनरीक्षित वेतनमान और समयमान वेतन का मामला शिक्षा विभाग और जिला पंचायत के बीच फंस गया है। इसके कारण शिक्षाकर्मियों का वेतन पिछले तीन माह से रोक दिया गया है। जिसको लेकर कई बार शिक्षकों ने भी शिकायत किया है, लेकिन शिक्षकों को कोई राहत नहीं मिला है। ऐसे शिक्षाकर्मी जिनका संविलयन एलबी टी और एलबी ई वर्ग में हो चुका है उनका पुनरीक्षित वेतनमान व समयमान वेतन मान का आदेश जिला पंचायत से होना है या फिर शिक्षा विभाग से होना है इसको लेकर दोनों ही विभाग में असमंजस की स्थिति है। वहीं शासन से भी इसको लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है।

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यह तो तय है कि संविलयन हो चुके शिक्षाकर्मियों का पुनरीक्षित वेतनमान व समयमान वेतनमान होना तय है, लेकिन इसके चक्कर में स्कूलों में उक्त शिक्षाकर्मियों का वेतन प्राचायों ने रोक दिया है। दोनों विभाग के बीच फंसे इस मामले के कारण स्कूलों में शिक्षाकर्मी पढ़ा तो रहे हैं, लेकिन उनको पिछले तीन माह से वेतन नहीं दिया जा रहा है।

वर्तमान स्थिति में देखा जाए तो ऐसे शिक्षाकर्मियों की तीन सूची जिला पंचायत में है जिसमें करीब ५६ शिक्षाकर्मियों का नाम शामिल है। उक्त सूची पुनरीक्षित वेतनमान के लिए जिला पंचायत में लंबित है। इसके अलावा जनपदों में भी सूची लंबित होने की बात कही जा रही है। ऐसे शिक्षक वेतन के अभाव में काफी परेशान हैं और आए दिन स्कूल के प्राचार्य और जनपद व जिला पंचायतों के चक्कर काट रहे हैं। इसको लेकर न तो शिक्षा विभाग ने कोई आदेश स्कूलों को जारी किया है न ही जिला पंचायत ने, इसका खामियाजा शिक्षाकर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। जबकि शिक्षाकर्मियों का कहना है कि पुनरीक्षित वेतनमान जारी होने तक सामान्य वेतन जारी किया जा सकता है।

इनका भी फंसा है पेंच
ऐसे शिक्षक पंचायत संवर्ग जो बिना अनुमति प्राप्त कर निन्म पद से उच्च पद या सामान पद पर नियुक्त हुए हैं उनका प्रथम नियुक्ति कार्यभार ग्रहण तिथि से सेवा अवधी गणना करते हुए ८ साल पूर्ण होने पर हाई कोर्ट में दायर याचिका में भी हाई कोर्ट ने पुनरीक्षित वेतनमान समयमान वेतनमान दिए जाने का आदेश दिया गया है। ऐसे शिक्षक पंचायतों जिनका संविलयन हो चुका है का पुनरीक्षित वेतनमान किस विभाग से दिया जाना है मार्गदर्शन मांगा गया है।

कोर्ट ने भी जारी किया था आदेश
ऐसे शिक्षक पंचायत संवर्ग जो अप्रशिक्षित थे उनका समयमान वेतनमान व पुनरीक्षित वेतनमान एवं वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने का आदेश था। जिसके संबंध में पूर्व में उच्च न्यायालय में दायर याचिका में उक्त तीनों वेतनमान दिए जाने का निर्देश दिया गया है जो अप्रशिक्षित शिक्षक पंचायत संवर्ग जिनका एलबीटी वर्ग व एलबीई वर्ग में संविलियन हो चुका है। ऐसे में शिक्षकों का पुनरीक्षित वेतनमान, समयमान वेतनमान किस विभाग से स्वीकृत किया जाना है।

-स्कूलों में वेतन रोकने की जानकारी नहीं है। शेष पुनरीक्षित वेतनमान व समयमान वेतन किस विभाग से जारी होगा, इसके लिए मार्गदर्शन मांगा गया है। संचालनालय से जैसे ही मार्गदर्शन मिलेगा उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। चंदन त्रिपाठी, सीईओ जिला पंचायत