
ग्रामीणों ने दिन में वन विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन, इधर रात में हाथियों ने रौंद दी 13 एकड़ की फसल
रायगढ़/कुडेकेला. इसे वन विभाग की निरंकुशता कहें या फिर इस क्षेत्र के किसानों का दुर्भाग्य। धरमजयगढ़ वन मंडल छाल रेंज में पिछले १५ दिनों से करीब ५० हाथियों का दल लगातार अपनी दस्तक दे रहा है। इन हाथियों का दल रात भर क्षेत्र में भ्रमण कर किसानों की फसल को खराब कर रहा है।
शनिवार की रात भी हाथियों का दल क्षेत्र के कई गांव में पहुंचा और करीब १३ एकड़ में सदी दर्जन भर से अधिक किसानों की फसल को रौंद कर बर्बाद कर दिया। आपको बता दें कि इससे पहले भी हाथी कई एकड़ की फसल को बर्बाद कर चुके हैं, जिसके चलते किसानों ने शनिवार को ही चक्काजाम करके अपना रोष जताया था। २४ घंटे भी नहीं बीते कि रात में ही फिर से हाथियों का दल पहुंच कर १३ एकड़ की फसल को बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों इस नुकसान का जिम्मेदार वन विभाग को बताया है। उनका कहना है कि हाथियों के आने की सूचना देने के बाद भी वन विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं।
गौरतलब है कि वन मंडल धरमजयगढ़ के ग्राम पंचायत हाटी, सिथरा, खडग़ांव सहित अन्य गांवों में पिछले 2 सप्ताह से हाथियों के दल ने डेरा जमाया है। इस दल में करीब 40 से 50 हाथियों की संख्या है। बताया जा रहा है कि दिन भर हाथियों का दल जंगल के भीतर रहता है। वहीं शाम ढलते ही वे जंगल से बाहर निकलते हुए खेतों में पहुंचते हैं और किसानों की फसल को रौंदते हुए बर्बाद करते हैं।
शनिवार रात भी कुछ इसी तरह की स्थिति निर्मित हुई। इस क्षेत्र के लोगों ने बताया कि बेपारी झोरखी, बनखेता, बोकराताल, सालझोर, खेतानबहरी, कोल्हूमार, नागर कुंडा, सहित अन्य गांवों में शनिवार रात हाथियों का एक दल पहुंचा था। उसने खेत में लगी फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया है। इससे जनताराम, कलेश राम, नरेश कुमार, प्रहलाद, मुरारी, रतन, सुंदर, विल साय उरांव सहित अन्य किसानों का नुकसान हुआ है।
दिन में प्रदर्शन रात को फिर नुकसान
हाथियों की समस्या को लेकर हाटी, सिथरा, खडगांव, सेमीपाली, पुंरुगा, चैनपुर सहित आसपास गांव के सैकड़ों किसानों ने चक्काजाम करके वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए रोष जताया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी हाटी, धरमजयगढ़ थाना प्रभारी सरोज टोप्पो मौके पर पहुंचे थे। दोनों अधिकारियों के समक्ष ग्रामीणों ने अपनी मांग रखी गई थी।
-हाथियों का दल कभी भी आकर फसल का नुकसान कर देता है। इससे किसानों को फसल से होने वाले नुकसान का आंकलन नहीं किया जा सका है। हाथियों की गिनती भी नहीं हो पाई है। अनुमान के मुताबिक कहा जाए तो दल में ३० से ३५ हाथियों के होने की संभावना है। जो क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं- चंद विजय सिदार, सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी
-हाथियों की वजह से आए दिन किसानों का नुकसान हो रहा है। वन विभाग बेजा कब्जा भूमि पर फसल लगने से उसकी क्षतिपूर्ति ने देने की बात कही जा रही है। जो फसल मुआवजा राशि वन विभाग द्वारा दी जा रही है वह भी बहुत कम है। इसके चलते किसान परेशान हैं। रामानंद राठिया, जनपद पंचायत सदस्य धरमजयगढ़
- वन विभाग को चाहिए कि वह हाथियों के दल को जंगल में भेजकर किसानों के नुकसान का उचित मुआवजा दे। वर्तमान में मुआवजा राशि ५००० रुपए प्रति एकड़ दी जा रही है जो कि काफी कम है। वन विभाग को चाहिए कि वह इस राशि को बढ़ाकर प्रति एकड़ 25 से 30 हजार रुपए करे। इससे किसान को उसकी पैदावार व लागत के बराबर क्षतिपूर्ति मिल पाएगी - दिलीप राठिया, ग्रामीण
Published on:
08 Oct 2018 11:37 am
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