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एक्सपर्ट ने बताए पुलिसकर्मियों को व्यवहार परिवर्तन एवं छबि सुधार के टिप्स

पोलिटेक्निक ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में पहुंचे अधिकारी-जवान

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पोलिटेक्निक ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में पहुंचे अधिकारी-जवान

पोलिटेक्निक ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में पहुंचे अधिकारी-जवान

रायगढ़. समाज में पुलिस की नकारात्मक छवि जल्दी बनती है। इस सोच को हम अपनी कार्यशैली से दूर कर सकते हैं। उक्त बातें व्यवहार परिवर्तन एवं छबि सुधार के विषय पर आयोजित कार्यशाला में एसपी ने कही। वहीं डाक्टर व मनोचिकित्सक की एक्सपर्ट टीम ने पुलिस अधिकारी व जवानों को व्यवहार परिवर्तन एवं छबि सुधार को लेकर अहम टिप्स दिए। जिसे जीवन में उतारने पर बल दिया गया।

बिलासपुर आईजी दिपांशु काबरा के निर्देशानुसार जिले के पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के कार्य निर्वहन के दौरान आम लोगों के साथ किए जाने वाले व्यवहार, आचरण की गुणवत्ता बढ़ाने तथा उन्हें तनाव मुक्त रहकर कार्यशैली अपनाए जाने का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिए जाने के उद्देश्य से व्यवहारिक परिर्वतन और छबि सुधार विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। शहर के पोलिटेक्निक आडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम की रूपरेखा, पुलिस अधीक्षक रायगढ़ द्वारा तैयार की गई थी।

कार्यक्रम में अधिकारी/कर्मचारियों के रजिस्ट्रेशन के बाद पुलिस अधीक्षक एवं अथिति वक्तागणों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरूवात की गई। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार झा द्वारा कार्यशाला के विषय के संबंध में परिचयात्मक संबोधन के दौरान कहा कि किस प्रकार से पुलिस की नकारात्मक छबि समाज में शीघ्रता से पहुंचती है। इसे अपनी कार्यशैली से दूर करने की दरकार है।

कार्यक्रम के लिए विशेष तौर से बुलाए गए एक्सपर्ट डॉ. टी.के. टोण्डा नोडल अफिसर डिस्ट्रिक मेंटल हेल्थ प्रोग्राम रायगढ़, पी. अतित राव कम्युनिटी नर्स, डॉ. राजेश अजगल्ले मनोरोग विशेषज्ञ एवं डॉ. वियुत्ता चंदा सोशल सायकोलाजिस्ट मेडिकल कॉलेज रायगढ़ द्वारा एक-एक कर व्यवहारिक परिर्वतन और छबि सुधार विषय पर अपनी अहम राय दी। वहीं तनाव से मुक्त होने को लेकर कई अहम टिप्स बताया। जिससे समाज में एक बेहतर छवि का रुप में उभारा जा सके।


नाटकीय ढंग से दी जानकारी
पुलिस अधिकारी व जवान को उनके कर्तव्य को पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से व्यरवहार में प्रभाव डालने वाले कारणों एवं उनके निदान के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही तनाव को कैसे कम किया, आमजनों से कैसे व्यवहार किया जाना चाहिये । इन बातों पर भी बल दिया गया। जिससे समाज में पुलिस के प्रति नकारात्मक छबि में सुधार हो सके। इस बारे में छोटे- छोटे नाट्यकीय प्रदर्शन के माध्यम से भी बताया गया। कार्यशाला में सीएसपी सिद्धार्थ तिवारी, खरसिया एसडीओपी अशोक वाडेगांवकर, ट्रैफिक डीएसपी शिवचरण सिंह परिहार, डीएसपी के.एल.नंद, डीएसपी मंजुलता बाज, टीआई व चौकी व्रभारी के अलावा करीब 110 पुलिस अधिकारी व जवान शामिल है।