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गांधी जी के प्रति 82 वर्षीय वृद्ध की ऐसी आस्था देख कर सरिया टीआई ने पहले लगाया गले, फिर श्रीफल व शॉल भेंट कर किया सम्मान

क्षेत्र में गांधी के नाम चर्चित खेमनिधी पटेल, प्रतिदिन ८ कि.मी साइकिल चला कर महात्मा गांधी की प्रतिमा को धोने, पोछने व पूजा करने के लिए आते हैं।

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गांधी जी के प्रति 82 वर्षीय वृद्ध की ऐसी आस्था देख कर सरिया टीआई ने पहले लगाया गले, फिर श्रीफल व शॉल भेंट कर किया सम्मान

गांधी जी के प्रति 82 वर्षीय वृद्ध की ऐसी आस्था देख कर सरिया टीआई ने पहले लगाया गले, फिर श्रीफल व शॉल भेंट कर किया सम्मान

रायगढ़. अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को साल के ३६५ दिन पूजने वाले सरिया के जामपाली निवासी ८२ वर्षीय वृद्ध को जब औचक रुप से स्थानीय लोगों ने अचानक सम्मानित किया तो वो भी हैरान रह गए। वहीं उनकी आंखों ने आंसू छलक पड़े। क्षेत्र में गांधी के नाम चर्चित खेमनिधी पटेल, प्रतिदिन ८ कि.मी साइकिल चला कर महात्मा गांधी की प्रतिमा को धोने, पोछने व पूजा करने के लिए आते हैं।

सरिया थाना क्षेत्र के जामपाली निवासी खेमनिधी पटेल हमेशा की तरह जब २ अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को पूजने के लिए पहुंचे। तब उनकी आंखे खुली की खुल रही गई। जब गांधी की प्रतिमा के करीब सरिया पुलिस के अधिकारी, जवान के अलावा क्षेत्र के जनप्रतिनिधी, स्कूली बच्चे, एनसीसी व स्काउड के छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित थे। उन्हें कुछ समझ में नहीं आया कि आखिर वो क्यों खड़े हैं। वो अपनी धुन में प्रतिमा के करीब पहुंचे और धोने, पोछने के बाद जमीन पर लेट कर गांधी की पूजा करने लगे। उसके बाद जब वो उठे तो सरिया टीआई ने उन्हें गले से लगाते हुए उन्हें शॉल, श्रीफल देकर सम्मानित किया।

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यह कोई पहला अवसर नहीं था। जामपाली के खेमनिधी सर्दी, गर्मी व बरसात चाहे कोई भी महीना हो। साल के ३६५ दिन क्षेत्र के इस इकलौते महात्मा गांधी की प्रतिमा को साफ-सुथरा कर पूजा अर्चना करते आ रहे हैं। उनके दैनिक कार्य में शामिल इस कवायद को स्थानीय लोगों ने खूब सराहना करते हैं। यहीं वजह है कि उन्हें सरिया व उसके आसपास के गांव में गांधी जी के नाम से भी पुकारते हैं।

सपनों में आए थे गांधी जी..
८२ वर्षीय खेमनिधी पटेल, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से इस अटूट प्रेम के पीछे एक कहानी भी बबाते हैं। उनकी मानें तो कई वर्ष पूर्व जब वो अपने दोस्त के साथ दिल्ली स्थित एक संग्रहालय में गए थे। वहां राष्ट्रपिता की यादों से जुड़ी कुछ अहम सामान को देखा। उस दिन के बाद राष्ट्रपिता उनके सपनों में आने लगा। यहीं वजह है कि खेम निधी किसी कार्य को भूल जाए, पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष नमन करना कभी नहीं भूलते हैं।

-स्थानीय लोगों ने जामपाली के खेमनिधी पटेल के बारे में बताया था। वो क्षेत्र के इकलौते ऐसे व्यक्ति हैं जो साल के ३६५ दिन बापू की प्रतिमा की साफ-सफाई के बाद पूजा अर्चना करते हैंं। ऐसे लोगों को सम्मान करना हमारे लिए गर्व की बात है। खेमनिधी, स्वच्छता के लिए भी लोगों को प्रेरित करते देखे गए- एसआर साहू, टीआई सरिया।