
पीएचई कर्मचारी व ग्रामीणों के विवाद मामले में होगी एफआईआर
रायगढ़. अक्टूबर माह में पीएचई के कर्मचारी सारंगढ़ के कनकबीरा चौकी अंतर्गत परसकोल गांव टेस्टिंग के लिए गए थे। इस दौरान ग्रामीणों व पीएचई कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया था। इसकी शिकायत दोनों पक्षों के लोगों ने सारंगढ़ थाने में की थी। जहां जांच के बाद पुलिस दोनों पक्ष के खिलाफ अपराध दर्ज करने की बात कह रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायत होने के बाद जांच अधिकारी ने जांच में पाया कि १२ अक्टूबर को ग्राम पंचायत परसदा छोटे के आश्रित ग्राम परसकोल में नल जल के पावर पम्प टेस्टिंग करने सहायक अभियंता खरे ने अपने टीम को भेजा था। दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक टेस्टिंग कार्य पूर्ण कर पीएचई के कर्मचारी वापस आने की तैयारी कर रहे थे।
इसी बीच परसकोल गांव के मोती पटेल व कुछ ग्रामीणों ने पीएचई के कर्मचारियों से कहा कि तुम लोग जब भी टेस्टिंग करने के लिए आते हो तो कभी तार लेकर नहीं आते हो, आत तार लेकर आए हो तो स्टाटर लेकर नहीं आए हो, ऐसे में टेस्टिंग कैसे होगा। ऐसे में पीएचई के कर्मचारियों ने कहा कि हमको साहब जैसे भेजते हैं हम वैसे ही आते हैं तुम लोगों को कोई आपत्ति हो तो साहब से बात कर लो कह कर एक कर्मचारी ने सहायक अभियंता के पास फोन लगा दिया। इसके बाद सहायक अभियंता ने मोती पटेल से कहा कि तुम लोग ज्यादा नेतागिरी कर रहे हो। इसके बाद दोनों पक्षों में फोन पर जमकर धमकी-चमकी और गाली-गलौज का दौर चला। इसके बाद ग्रामीणों ने पंचनामा करके एम्युमिनियम सर्विस वायर 10 एमएम वाली 607 मीटर को अपने पास रख लिया था। बाद में दोनों पक्ष के लोगों ने एक-दूसरे के खिलाफ इसकी शिकायत थाने में की थी।
सिर्फ फोन पर हुई थी गाली-गलौज
पीएचई के सहायक अभियंता ने अपने शिकायत में कहा है कि मोती पटेल ने मौके पर गए कर्मचारियों के साथ मारपीट कर शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए शासकीय संपत्ति एल्युमिनियम वायर को छीनकर अपने कब्जे में ले लिया था। वहीं फोन पर मुझे जातिगत गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दिया था। वहीं दो ट्रैक्टरों में भरकर थाना आए ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में कहा था कि पीएचई के कर्मचारी हर दिन गांव में टेस्टिंग के लिए आते हैं, लेकिन बिना टेस्टिंग के ही चले जाते हैं।
टेस्टिंग के दौरान कभी तार नहीं लाते तो कभी स्टाटर, बस दिन निकाल कर चले जाते हैं। इसके बारे में जब कर्मचारियों से बात किए तो सहायक अभियंता द्वारा फोन पर गाली-गलौज कर हमें जान से मारने की धमकी दी गई। ऐसे में पुलिस का कहना है कि मौके पर न तो मारपीट हुई और न ही गाली-गलौज हुई है जो कुछ भी हुआ सिर्फ फोन पर हुआ है। ऐसे में कॉल डिटेल निकालकर दोनों पक्ष के खिलाफ अपराध दर्ज किया जाएगा।
-सहायक अभियंता और ग्रामीणों के बीच फोन पर ही धमकी-चमकी और गाली-गलौज हुआ था। मौके पर किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई है। वहीं सहायक अभियंता द्वारा तार को लौटाने की बात पर गांव वालों ने तार को भी थाने में छोड़ दिया है। इस मामले में जो फोन पर गाली-गलौज हुआ है, इसकी जांच करवा कर दोनों पक्षों के खिलाफ अपराध दर्ज किया जाएगा- जीएस दुबे, सारंगढ़ टीआई
Published on:
06 Dec 2018 01:46 pm
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