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CG public opinion : रात से लेकर सुबह तक दर्जनों सवारी ट्रेन होने के बाद भी पूछताछ काउंटर में ताला

उदासीनता की भेंट चढ़ता जा रहा है रायगढ़ रेलवे स्टेशन

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उदासीनता की भेंट चढ़ता जा रहा है रायगढ़ रेलवे स्टेशन

उदासीनता की भेंट चढ़ता जा रहा है रायगढ़ रेलवे स्टेशन

रायगढ़. रायगढ़ रेलवे स्टेशन कुव्यवस्था के रूप में पहचान ले रहा है। यहां का प्रबंधन नियम से नहीं अपनी मनमर्जी स्टेशन को संचालित कर रहे है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। यहां रात १२ बजे से लेकर सुबह आठ बजे तक पूछताछ काउंटर में ताला लगा रहता है।

सुबह नौ बजे स्टेशन के पूछताछ काउंटर कर्मचारी पहुंचते हैं। जबकि इस आठ घंटे के दौरान देखा जाए तो रेलवे स्टेशन से होकर १९ यात्री गाडिय़ों का आवागमन होता है। इसमें पैसेंजर से लेकर एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनें तक शामिल रहती हैं। इन ट्रोनों से इस दौरान सैकड़ों की संख्या में यात्री अलग-अलग स्थानों के लिए रवाना होते हैं। इस दौरान उन्हें ट्रेन का लोकेशन पता करने में भारी परेशानी होती है।


भारतीय रेलवे की सबसे बड़ी पहचान है कि वह पहले तो काफी लेट चलती हैं और उसके बाद उन ट्रेनों का लोकेशन भी पता न चले तो यात्री क्या करे। यात्री मोहन कुमार, सुरेश राय, छठ्ठु कुंवर का कहना था कि उन्हें रायपुर व दिल्ली के लिए जाना था, लेकिन यहां ट्रेन का सही लोकेशन नहीं मिलता है। इससे उन्हें स्टेशन पर ट्रेन का कई घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। जानकारी देने के लिए बने पूछताछ काउंटर में भी ताला लगा रहता है।

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उनका कहना है कि यदि ट्रेन का सही समय पता चल जाए तो वह शहर में अपने घर जाकर कुछ घंटे आराम कर लें, लेकिन रेलवे प्रबंधन की लापरवाही से उन्हें पूरी रात रतजगा करना पड़ता है। कई बार जब उनके साथ पत्नी या बच्चे हुए तो और अधिक परेशानी होती है।

गरीबों के लिए नहीं है कोई प्लान
रेलवे प्रबंधन की माने तो उसका कहना है कि जो जानकारी वर्तमान में यात्रियों को एक पूछताछ काउंटर से पता चलती है वह सारी जानकारी उन्हें मोबाइल के माध्यम से तुरंत पता चल जाती है। यात्री मोबाइल एप के माध्यम से ट्रेन का लेकर, कोच की स्थिति, समय जैसी हर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तो फिर ऐसे में पूछताछ काउंटर की उतनी आवश्यकता कहां रही।

इस बात साफ है कि रेलवे प्रबंधन केलव मध्यम और उच्च वर्ग के लोगों के बारे में ही सोच रहा है, जिनके पास एंड्राइड मोबाइल रखने की क्षमता है, लेकिन उनके बारे में नहीं सोच रहा है, जो कि कम पढ़ेलिए और इतना गरीब है कि उन्हें इस संचार क्रांति के बारे में कुछ नहीं पता है।

रात 12 से सुबह आठ बजे तक आने जाने वाली ट्रेेने
अप ट्रेने
१- पुरी जोधपुर एक्सप्रेस
२- शालीमार एलटीटी एक्सप्रेस
३- टाटा पैसेंजर
४- रायगढ़ निजामुद्दीन एक्सप्रेस
५- हावड़ा मुंबई एक्सप्रेस
६- शालीमार भुज एक्सप्रेस
७- शालीमार उदयपुर एक्सप्रेस
८- शालीमार जयपुर एक्सप्रेस
९- संतरागाछी जबलपुर एक्सप्रेस
१०- जनशताब्दी
११- आजाद हिंद
१२- हावड़ा एक्सप्रेस
डाउन ट्रेने
१- एलटीटी शालीमार एक्सप्रेस
२- गीतांजली एक्सप्रेस
३- अहमदाबाद हावड़ा एक्सप्रेस
४- अमृतसर विशाखापटनम एक्सप्रेस
५- जबलपुर संतरागाछी एक्सप्रेस
६- टाटा बिलासपुर पैसेंजर
७- रायगढ़ बिलासपुर पैसेंजर


-आज कर लोगों के हाथ में मोबाइल है। इसलिए रेलवे भी अपनी अधिकतर जानकारी डिजिटल फार्म में दे रही है। लोग मोबाइल के माध्यम से उसका लोकेशन, लेट कहां पहुंची जैसी हर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए अब पूछताछ काउंटर की उतनी आवश्यकता भी महसूस नहीं हो रही है।
-संतोष कुमार, सीपीआरओ, एसईसीआर, बिलासपुर