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मुझे संगीत का शौक है और मैं शौक के लिए गाता हूं, मनहर उधास ने ये भी कहा…

मैं बहुत खुशनसीब हूँ की मुझे हमेशा अच्छे गाने गाने के लिए मिले। मुझे संगीत का शौक है और मैं शौक के लिए गाता हूं। प्रोफेशनल हिसाब से नहीं आता। यह कहना है कि मुंबई के गजल गायक मनहर उधास का। मनहर उधास चक्रधर समारोह में कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए शहर पहुंचे थे।

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मैं बहुत खुशनसीब मुझे हमेशा अच्छे गाने मिले : मनहर उधास

मैं बहुत खुशनसीब हूँ की मुझे हमेशा अच्छे गाने गाने के लिए मिले। मुझे संगीत का शौक है और मैं शौक के लिए गाता हूं। प्रोफेशनल हिसाब से नहीं आता। यह कहना है कि मुंबई के गजल गायक मनहर उधास का। मनहर उधास चक्रधर समारोह में कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए शहर पहुंचे थे।

रायगढ़. मैं बहुत खुशनसीब हूँ की मुझे हमेशा अच्छे गाने गाने के लिए मिले। मुझे संगीत का शौक है और मैं शौक के लिए गाता हूं। प्रोफेशनल हिसाब से नहीं आता। यह कहना है कि मुंबई के गजल गायक मनहर उधास का। मनहर उधास चक्रधर समारोह में कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए शहर पहुंचे थे। इस दौरान उनकी प्रेसवार्ता आयोजित की गई थी।

प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि अब तक वे 34 गुजराती एलबम बना चुके हैं। यह गुजराती भाषा में ही है। हालांकि उनका कहना था कि यदि उन्हें मौका मिले तो वे अन्य भाषाओं में भी एलबम तैयार करेंगे। चक्रधर समारोह को लेकर उनका कहना था कि यह मंच काफी मानचीन है। उन्हें इस बात का अफसोस भी है कि उन्हें इस मंच पर आने के लिए काफी देर लगी।

उन्हें प्रदेश के साथ शहर की भी तारिफ की। उनका कहना था कि यहां आकर व अपने घर की तरह महसूस कर रहे हैं। वे मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई किए हैं। यह पढ़ाई संगीत क्षेत्र से काफी अलग है। इस बात पर उनका कहना था कि संगीत का शौक उन्हें बचपन से ही था। इसी शौक से उन्हें फिल्मों में ब्रेक मिला और वे फिल्म में पहला गाना आप से हमको बिछड़े हुए का गाना गया।

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यह गाना आज भी यादगार है। संगीत में आए बदलाव को लेकर उनका कहना था कि यह समय की मांग है, लोग जैसा गाना सुनन पसंद कर रहे हैं वैसे ही गाने आजकल आ रहे हैं। इसके बाद भी पुराने गानों की अहमियत समाप्त नहीं हुई है, जो आज के दौर का गाना पसंद कर रहे हैं उतना ही पंसद उन्हें पुराना गाना भी है। मौजूदा समय के फिल्मों में गजल नहीं होने के सवाल पर उनका कहना था कि आजकल के फिल्मों में गजल के लिए विषय ही नहीं है। वहीं कहा कि इसके बाद भी गजल का क्रेज कम नहीं हुआ है। वहीं पाकिस्तान से गजल के लिए बुलावे के एक सवाल पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुझे इस मामले में मत घसीटिए।

रियालिटी शो है प्लेटफार्म
रियालिटी शो पर उनका कहना था कि उनके जमाने में बड़े-बड़े सिंगर को नहीं पहचाना जा सकता था। इसके पीछे कारण यह है कि वे मंच से बाहर नहीं आते थे। इससे उन्हें नहीं पहचाना जा सकता था। वहीं आज के दौर में एक बार टीवी पर आने से अपने आप पहचान बन जाती है। ऐसे में उन्होंने रियालिटी शो को अच्छा कार्यक्रम बताया।