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आधे-अधूरे काम करने के बाद मरीन ड्राइव का काम रूका

नगर-निगम के अधिकारी नहीं दे रहे हैं ध्यान

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आधे-अधूरे काम करने के बाद मरीन ड्राइव का काम रूका

नगर-निगम के अधिकारी नहीं दे रहे हैं ध्यान

रायगढ़। वर्षाे बाद मरीन ड्राइव के कायाकल्प का काम शुरू होने के बाद एक छोर में चक्रपथ से लेकर खर्राघाट पुल तक का काम लगभग पूरा हो गया है लेकिन बीच में कई जगह काम न हो पाने के कारण इस मार्ग में आवागमन चालू नहीं हो पाया है। बांकी ३ छोर के निर्माण का कार्य तो अब तक श्ुरू नहीं हो पाया है। निगम के अधिकारी भी इसको लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
केलो नदी के तीनों छोर एसईसीएल से चक्रपथ, चक्रपथ से खर्राघाट पुल व दूसरे छोर में शनि मंदिर से लेकर खर्राघाट पुल तक आरसीसी रोड निर्माण किया गया था, लेकिन सीपीटी योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के दौरान तीनो ओर की सड़के पूरी उखड़ गई और इसके बाद पिछले कई सालों से मरीन ड्राइव में पैदल आवागमन भी बंद हो गया। काफी लंबे समय बाद लोगों की मांग पर निगम को मरीन ड्राइव के लिए २ करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली जिसमें निर्माण कार्य चक्रपथ से खर्राघाट पुल तक शुरू किया गया। आश्चर्य की बात तो यह है कि आरसीसी रोड उखडऩे के बाद उसमें सीसी रोड का निर्माण किया गया इसमें भी पहले जितनी चौड़ाई की सड़क बनी हुई थी उसमें भी कटौती कर फुटपाथ निकालकर मिट्टी डाला जा रहा है। चक्रपथ से खर्राघाट पुल तक करीब-करीब सीसी रोड का काम पूरा हो गया है कहीं कहीं पर कुछ दूरी को छोड़ दिया गया है। जिसके कारण इस रोड में आवागमन शुरू नहीं हो पा रही है।पिछले करीब सप्ताह भर इस मार्ग में निर्माण कार्य बंद होने की बात भी सामने आ रही है, जिसको लेकर निगम के अधिकारी गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
अनहोनी को दे रहे न्यौता
इस मार्ग के दोनो छोर में किसी प्रकार का संकेतक बोर्ड नहीं लगाया गया है, और निर्माण कार्य पूर्ण भी नहीं हुआ है ऐसे में रात के समय अगर कोई दोपहिया चालक इन मार्ग में आवागमन करता है तो हादसे का शिकार हो सकता है। लेकिन न तो ठेकेदार को यह नजर आ रहा है न ही निगम के अधिकारियों को।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठा सवाल पर नहीं हुआ जांच
इस मार्ग में पुरानी सड़क उखडऩे के बाद पत्थर बिछाने के बाद सीधे बेस का काम शुरू कर दिया गया इस मार्ग में रोलर चलाया ही नहीं गया है। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे लेकिन इसका सैंपल जांच तक नहीं किया गया।