
जांच के बाद विभाग में दबा यह प्रकरण दो साल बाद सामने
रायगढ़. कम क्षमता दिखा अधिक का मिलिंग कर जिले के 57 राइसमिलरों ने शासन को करीब 3 करोड़ का चपत लगाया है। जांच के बाद विभाग में दबा यह प्रकरण दो साल बाद सामने आया।
इसमें कलक्टर के नोटिस के बाद राइसमिलरों में हड़कंप मची हुई है। राइसमिलर सुबह से ही खाद्य विभाग और विपणन विभाग के चक्कर काटते हुए नजर आए। सुबह में राइसमिलर जवाब देने के लिए खाद्य विभाग पहुंचे चूंकि जारी नोटिस में कलक्टर ने अपने समक्ष स्वयं उपस्थित होकर जवाब पेश करने कहा है इसलिए खाद्य विभाग के अधिकारी इस मामले में जवाब नहीं लिए।
इसके बाद घुम-फिरकर दोपहर बाद राइसमिलर विपणन विभाग डीएमओ के पास जवाब पेश करने के लिए पहुंचे, लेकिन डीएमओ ने भी स्पष्ट कर दिया कि कलक्टर के समक्ष उपस्थित होकर जवाब पेश करें। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शाम करीब 4 बजे के बाद राइसमिलर जवाब पेश करने के लिए फिर से कलक्टोरेट पहुंचे।
बताया जाता है कि कलक्टर द्वारा जारी नोटिस सभी को तामिल नहीं हो पाया है जिसके कारण बुधवार को पूरे 57 मिलर नहीं आए जिनको नोटिस मिला ऐसे मिलर जवाब देने के लिए उपस्थित हुए थे। इस मामले में राइसमिलरों से जवाब मिलने के बाद वर्ष 2016 में उक्त 57 राइसमिलरों को जारी प्रोत्साहन राशि को रिकव्हरी करने की बात सामने आ रही है। इसके लिए इस वर्ष या फिर अगले वर्ष के भुगतान में समायोजन करने संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजने की तैयारी की जा रही है।
आधा दर्जन ने बढ़वाया था क्षमता
वर्ष 2016 में तात्कालीन सहायक कलक्टर प्रभात मल्लिक द्वारा की गई जांच में इस बात का खुलासा हुआ था। जिसके बाद कुछ राइसमिलरों ने क्षमता बढ़ाने का शपथ पत्र पेश किया था। इसका नतीजा यह निकला के इस बार कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन के दौरान आधा दर्जन मिलरों ने अपना क्षमता बढ़ा दिया। लेकिन शेष मिलरों ने ने पंजीयन के क्षमता में परिवर्तन नहीं कराया है।
क्या है मामला
वर्ष 2016-17 में कस्टम मिलिंग पॉलिसी पर गौर किया जाए तो जो राइसमिल अपने निर्धारित क्षमता से अधिक का मिलिंग करता था उसको प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन राशि दिया जाता था। जांच में यह बात सामने आई कि इसका लाभ उठाने के लिए 57 राइसमिलरों ने अपना क्षमता पंजीयन में कम दिखाई और मिलिंग नियत क्षमता किए।
-प्रोत्साहन राशि के मामले में 57 राइसमिलरों को नोटिस जारी किया गया था सभी ने आज जवाब दिया है। अब इसका परीक्षण करने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए शासन को भेजेंगे।
-शम्मी आबिदी, कलक्टर रायगढ़
Published on:
27 Jun 2018 07:24 pm
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