
Video- धर्मशाला में रहकर लगाया था प्लांट, अब मेरा सपना है कर्जमुक्त होना : नवीन जिंदल
रायगढ़. एक उद्योगपति, व्यापारी और दुकानदार के लिए सबसे बड़ी चिंता कर्ज की होती है। शेक्सपीयर ने भी कहा है कि न तो कर्ज लेना चाहिए और न ही देना चहिए। ऐसे में अब मेरा सपना है कि मैं कर्जमुक्त हो जाऊं। ये बातें जेएसपीएल के चेयरमैन नवीन जिंदल ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। जिंदल भारतीय रेल से मिले आर्डर की पहली कंसाइनमेंट को फ्लेग ऑफ करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि कंपनी पर लगभग 40.42 हजार करोड़ का कर्ज है ऐसे में वो आने वाले तीन चार वर्षों में इसे आधा करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
जिंदल ने कहा कि बीते चार साल कंपनी के लिए काफी मुश्किलों भरा रहा है। कंपनी लगातार घाटे में जा रही थी, लेकिन पिछले तिमाही के परिणाम ने हमें उत्साहित किया है। जिंदल ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि पिछले चार साल से यदि तिमाही के नतीजों पर देखें तो हर तिमाही में कंपनी चार से साढ़े चार सौ करोड़ रुपए के नुकसान में गई है। लेकिन पिछले तिमाही में कंपनी ने पहली बार शुद्ध लाभ कमाया हैए फायदे में आई है। हलंाकि 110 करोड़ का फायदा हैए ये इतनी बड़ी कंपनी के लिए बहुत ज्यादा नहीं है लेकिन ये पॉजीटिव साइन हैए इसने हमें उत्साहित किया है। ओडिशा के अंदर जो प्लांट लगाया है वो अब अच्छा काम कर रहा है, लगातार विकास कर रहा है।
धर्मशाला में रहकर लगाया प्लांट
प्रेस से चर्चा के दौरान जेएसपीएल के चेयरमैन नवीन जिंदल ने कहा कि रायगढ़ का प्लांट या रायगढ़ उनकी कर्मभूमि रही है। जब वो अमेरिका से पढ़कर आए थे तो 17 सितंबर से 1992 को विश्वकर्मा पूजा के दिन उनके पिता जी यानि कि बाबूजी ने उन्हें यहां भेज दिया था। रायगढ़ का प्लांट बाबूजी ने शहर के रतेरिया धर्मशाला में रहकर लगाया है और ये प्लांट आज इस मुकाम पर पहुंचा है।
कोयले की कमी है, रॉ मेटेरियल की कमी है
जिंदल ने कहा कि हमारा प्रयास रहा है कि हम अच्छी चीजें बनाएं, देश के लोगों के फायदे की चीजें बनाएं। हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में कोल इंडिया अपने उत्पादन को बढ़ाए, ताकि देश में जो कोयले की कमी है, रॉ मेटेरियल की कमी है वो दूर हो सके।
उद्योग पनपेंगे तभी देश विकसित होगा
जिंदल ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि देश तभी आगे बढेगा जब देश की अर्थ व्यवस्था मजबूत होगी, जब देश के उद्योग पनपेंगे चाहे वो छोटे या बड़े ही उद्योग हों। जब देश के उद्योग, छोटे और बड़े उद्योग बढ़ेंगे तभी रोजगार पैदा होगा, खपत बढ़ेगी उत्पादन बढ़ेगा। इसलिए हम सबको मिलजुल करके समस्याओं को सुलझाना पड़ेगा।
Published on:
16 Aug 2018 01:12 pm
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