रायगढ़. वन विभाग के तमनार रेंज में बड़ी संख्या में मजदूरों से विभिन्न कार्य कराए गए, पर जब बात मजदूरी देने की आई तो विभाग आज-कल करने लगे। देखते देखते जब चार माह का समय बीत गया तब परेशान मजदूरों ने रायगढ़ वन मंडल कार्यालय का सफर पूरा किया। वहीं अपनी फरियाद के साथ आला अधिकारी से मुलाकात की, जिसमें विभाग के आला अधिकारी ने संबंधित अधिकारी से चर्चा कर मजदूरों को जल्द भुगतान कराने का भरोसा दिया है।
रायगढ़ वन मंडल में मजदूरों के भुगतान का मामला एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार तमनार रेंज के अंतगर्त आने वाले गांव के मजदूर परेशान है। मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को करीब एक दर्जन से अधिक मजदूर, रायगढ़ वन मंडल पहुंचे हुए थे। जिसमें गोपाल, दुकेेश्वर, लाल कुमार, सहिसराम, जयलाल, चेन कुमार व अन्य लोगों के नाम शामिल है। पीडि़त मजदूरों ने बताया कि तमनार रेंजर के कहने पर उन्होंने सामारुमा व उसके आसपास के जंगलों में गड्ढा की खुदाई, पौधों की छंटाई का काम किया था।
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10 फरवरी 2018 से शुरु हुआ यह कार्य 15 मई 218 तक हुए। हम मजदूरों ने सप्ताह में मजदूरी देने की बात कही थी, पर रेंजर ने १५ दिन में खाता में भुगतान की बात कही। जिस पर हामी भरते हुए हमने काम शुरु किया, पर रेंजर के भरोसे पर तीन माह का कार्य पूरा हो गया। पर भुगतान नहंी हो पाया। खास बात तो यह है कि उक्त काम को हुए अब चार माह का समय बीत चुका है, पर रेंजर व अन्य अधिकारी, आजकल की बात कर सिर्फ टालमटोल कर रहे हैं। जिसकी वजह से जीवन-यापन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। ऐसे में, तमनार रेंजर के इस उदासीन रवैये से तंग आकर रायगढ़ वन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी से भुगतान कराने की गुहार लगाई है।
चेहरा देख कर किया भुगतान
पीडि़त मजदूरों ने बताया कि सामारुमा जंगल में वि विभाग द्वारा कराए गए कार्य में करीब 100 से अधिक मजदूरों न काम किया है। सबका बिल एक साथ बना, पर जब बात भुगतान की आई तो चेहरा देख देख कर भुगतान किया जा रहा है। कुछ मजदूरों के भुगतान होने की बात पीडि़त बता रहे हैं। विभागीय अधिकारी ने संबंधित अधिकारी से भुगतान में देरी की जांच करने की बात कही। वहीं जल्द से जल्द इस समस्या के निराकरण करने का भरोसा भी दिया।
इन गांवों के मजदूर हैं परेशान
तुमीडीह, सामारुमा, छर्राटांगर, तिभउडीह, हराडीह व अन्य गांव