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मरीन ड्राइव में चल रही मनमानी को लेकर विपक्ष ने साधी चुप्पी

विपक्ष की भूमिका भी शहर में बनी चर्चा का विषय

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मरीन ड्राइव में चल रही मनमानी को लेकर विपक्ष ने साधी चुप्पी

विपक्ष की भूमिका भी शहर में बनी चर्चा का विषय

रायगढ़। नियम-कानून को ताक पर रखकर मरीन ड्राइव में किए जा रहे सड़क निर्माण को लेकर विपक्ष की भूमिका इन दिनों शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। ठेकेदार व निगम के इंजीनियरों की मनमानी को लेकर विपक्ष मौन साधे हुए हैं।
करीब २ करोड़ रुपए की लागत से मरीन ड्राइव के जिर्णोधार का काम हो रहा है, निगम के इंजीनियर व ठेकेदारों की मिलीभगत से एक ओर जहां सड़क की चौड़ाई कम कर दी गई है तो वहीं दूसरी ओर फूटपाथ व नाली का काम छोड़ दिया गया है जबकि देखा जाए तो फुटपाथ व नाली भी पूरी तरह से खराब हो चुके हैंं। ऐसी स्थिति में इन दिनों जब चल रहे निर्माण कार्य के गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा तो महापौर ने निगम के इंजीनियरों को लेकर ही जांच करने के लिए पहुंच गई, लेकिन इस मामले में निगम में बैठे विपक्ष ने न तो एक बार चल रहे निर्माण कार्य को झांकना उचित समझे न ही इस मामले में अब तक किसी तरह की टिप्पणी की। यह बात शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि शहर में इतने बड़े काम में हो रहे मनमानी को लेकर विपक्ष का मौन व्रत समझ से परे है।
एक साईड ही था फुटपाथ
केलो नदी के दोनो छोर में बने मरीन ड्राइव में एक ही ओर फुटपाथ का निर्माण किया गया था, लेकिन अब किए जा रहे निर्माण के दौरान देखा जाए तो केलो पुल से खर्राघाट के बीच में दूसरे ओर भी नाली और सड़क के बीच फुटपाथ छोड़ दिया गया है।
जांच में सैंपल टेस्ट तक नहीं
मरीन ड्राइव के निर्माण में गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल को लेकर नगर निगम महापौर जांच करने के लिए पहुंची लेकिन मटेरियल का सैंपल टेस्ट तक नहीं कराया गया। ऐसे ही जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दिया गया।