
रायगढ़. हावड़ा से एलटीटी जा रही समरसता एक्सप्रेस जैसे ही रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर ठहराव के बाद आगे बढ़ी। कुछ दूर चलने के बाद अप ट्रैक का ओएचई वायर ढीला होकर जहां-तहां टूट कर गिरने लगा। धारा प्रवाहित ओएचई तार के गिरने की वजह से रेल यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इसके साथ ही हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन सुबह 9 बजे से ठप हो गया। एक तरफ जहां ओएचई विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों के साथ टूटे तार को ठीक करने में जुट गए। वहीं आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारी, जवानों के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था में जुट गए। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब रायगढ़ से छूटने के बाद हावड़ा-एलटीटी समरसता एक्सप्रेस रफ्तार में हुई और उस ट्रैक का ओएचई तार टूटकर गिरने लगे। जिसके बाद एक बड़ी अनहोनी को देखते हुए समरसता एक्सप्रेस के लोको पायलट सीपी बोले व एएलपी भानु प्रकाश ने इमरजेंसी ब्रेक लगा कर ट्रेन को रोका। इसके बाद ट्रेन को गार्ड अशोक मिश्रा को इस बात की जानकारी दी। वहीं बिलासपुर कंट्रोल को मैसेज कर इस घटना से अवगत कराया।
धारा प्रवाहित ओएचई तार टूट कर मालगाड़ी व रेलवे ट्रैक पर गिरने के बाद बिलासपुर से लेकर रायगढ़ तक हड़कंंप मच गया। जिसके बाद स्थानीय रेल अधिकारी के साथ आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारी, दल-बल के साथ उक्त स्थान पहुंचे। जिसके बाद ट्रेन के सभी यात्रियों को ट्रेन से नीचे नहीं उतरने की सलाह दी गई। जिससे धारा प्रभावित तार की चपेट में कोई यात्री ना आए जाए। जिसके बाद उक्त टूटे ओएचई तार को मरम्मत कर ठीक करने की पहल की गई। करीब आधा किमी तक टूटे ओएचई तार को ठीक करने व टूटकर गिरे तार को समेटने में विभागीय कर्मचारी को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस बीच समरसता एक्सप्रेस के यात्री भी काफी परेशान दिखे, जो ट्रेन के रेलवे स्टेशन से निकलने के बाद खान-पान सामान को लेकर काफी परेशान दिखे।
डीजल इंजन मंगाकर ट्रेन को किया रवना
करीब आधा किमी तक अप ट्रैक के ओएचई तार को ठीक करने में करीब 4-5 घंटे का समय लगने की बात कही जा रही है। जिसकी वजह से करीब दो घंटे समरसता एक्सप्रेस को रवाना करने के लिए किरोड़ीमल रेलवे स्टेशन से डीजल इंजन मंगाया गया। जिसके बाद इलेक्ट्रिक इंजन को काट कर उसमें डीजल इंजन लगाया गया। जिसके बाद समरसता एक्सप्रेस को बिलासपुर के लिए रवाना किया।
यात्रियों से लूटपाट का भी डर, लगाए जवान
रेलवे स्टेशन के आगे चमड़ा गोदाम के करीब जहां ट्रेन खड़ी थी। वो इलाका भी सुरक्षा को लेकर बेहतर नहीं थी। वहीं यात्रियों के साथ लूटपाट की घटना भी हो सकती थी, जिसे देखते हुए आरपीएफ व जीआरपी के जवानों को ट्रेन के दोनों साइड तैनात किया गया। जिससे कोई अन्य व्यक्ति ट्रेन में घुस कर कुछ अपराधिक वारदात को अंजाम ना दे सके।
Published on:
24 Dec 2017 12:12 pm
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