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इन ग्रामीणों ने मोबाइल फोन लेने से किया इंकार, भाजपा के पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया को भी घेरा

-गांव को ओडीएफ करने के लिए शौचालय निर्माण करने वाले ग्रामीणों को प्रोत्साहन राशि दिया जाना था।

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इन ग्रामीणों ने मोबाइल फोन लेने से किया इंकार, भाजपा के पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया को भी घेरा

इन ग्रामीणों ने मोबाइल फोन लेने से किया इंकार, भाजपा के पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया को भी घेरा

रायगढ़. ओडीएफ की प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने पर गेरवानी के ग्रामीणों ने संचार क्रांति योजना के तहत मिलने वाले मोबाइल फोन को लेने से इंकार कर दिया और प्रदर्शन करने लगे। स्थिति यह रही कि गांव में मोबाइल वितरण करने आए भाजपा के पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया को भी घेर लिया। इस विरोध को देखते हुए पूर्व मंत्री उल्टे पांव लौट गए।

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद जनपद पंचायत रायगढ़ के सीईओ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश दी और मामले की जांच करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणा शांत हुए और दोपहर बाद मोबाइल वितरण का काम शुरू हो सका। मामला शांत होने के बाद पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया भी पहुंचे थे।

जिला मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर गेरवानी ग्राम पंचायत को 2 साल पहले ही ओडीएफ घोषित कर दिया गया था। गांव को ओडीएफ करने के लिए शौचालय निर्माण करने वाले ग्रामीणों को प्रोत्साहन राशि दिया जाना था। यह राशि ग्रामीणों को अब तक नहीं मिली है। इस राशि की मांग करने के लिए ग्रामीण तीन से चार बार कभी जनपद पंचायत तो कभी जिला पंचायत तो कभी कलक्टर के पास पहुंचे थे। इसके बाद भी अब तक उन्हें ओडीएफ का प्रोत्साहन राशि नहीं मिल सकी है।

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ऐसे में जब गेरवानी गांव स्काई योजना के तहत मोबाइल वितरण करने के लिए शुक्रवार को शिविर लगाया गया तो ग्रामीणों ने इसका बहिष्कार यह कहते हुए कर दिया कि जब तक उन्हें प्रोत्साहन राशि नहीं मिल जाता तब तक वे मोबाइल नहीं लेंगे। विरोध के दौरान ग्रामीण मोबाइल वितरण के शिविर स्थल से करीब १०० मीटर दूर इस बात का विरोध करते हुए मोबाइल लेने नहीं जा रहे थे। इस बात की जानकारी मिलने के बाद रायगढ़ सीईओ देवांगन को लगी तो वे पहुंचे।

ग्रामीणों को समझाइश देने लगे, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। तब यह आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए ग्रामीणों के प्रदर्शन के दौरान जब पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया मौके पर पहुंचे तब ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान पूर्व यह कहते हुए अपने आप का बचाव करते नजर आए कि ह्दय राम राठिया पांच साल तक विधायक थे। उनके कार्यकाल से अधिक काम पूर्व मंत्री के कार्यकाल में हुआ। हालांकि ग्रामीण पूर्व मंत्री के इस तर्क को खारिज कर विरोध कर रहे थे।

खास बात यह है कि मोबाइल का वितरण स्थानीय जनप्रतिनिधि के अलावा पूर्व मंत्री व क्षेत्रीय विधायक के पति सत्यानंद राठिया के हाथों करवाया जाना था। ऐसे में सत्यानदं राठिया भी गेरवानी गांव पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने ओडीएफ की प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने की बात को लेकर उन्हें ही घेर किया। बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री के द्वारा भी ग्रामीणों को काफी समझाइश दी गई, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ऐसे में पूर्व मंत्री उल्टे पांव लौट गए। मामला शांत हुआ तो वे फिर वितरण करने पहुंचे।

- ओडीएफ की राशि को लेकर ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था। मामले की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचा था और उन्हें समझाइश देकर शांत कराया गया। इसके बाद मोबाइल वितरण शुरू किया गया- आशीष देवांगन, सीईओ, जनपद पंचायत रायगढ़