
जनपद सीईओ ने जांच के नाम पर की खानापूर्ति, आक्रोशित ग्रामीण चूल्हा व राशन सामान लेकर पहुंचे जिला पंचायत, फिर ये किया
रायगढ़. तीन गांव के लोगों ने आधे-अधूरे शौचालय निर्माण व सरपंच सचिव के कई अन्य अनियमितता की शिकायत जनपद सीईओ से की थी। इस मामलें में जनपद सीईओ ने जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दी। जिससे आक्रोशित ग्रामीण सोमवार को चूल्हा व राशन का सामान लेकर धरना-प्रदर्शन करने जिला पंचायत पहुंच गए। दूसरी ओर ग्रामीणों के इस भीड़ को और प्रदर्शन को जिला पंचायत अध्यक्ष ने देखा पर न तो कोई पूछ-ताछ की और न ही उनके पास गए। सीधा निकले और गाड़ी में बैठकर निकल गए।
इसके बाद दोपहर में एक किनारे जाकर न सिर्फ इन लोगों ने शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही जिला पंचायत से कुछ दूरी पर ग्रामीणों ने खाना पकाया और जिला पंचायत परिसर में खाना खाया। ग्रामीणों की मांग थी कि सरपंच-सचिव के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
इस दौरान ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि केशरचुंवां के आश्रित ग्राम कर्रापाली व औराजोर व जामपाली में करीब १० प्रतिशत शौचालय का ही उपयोग किया जा रहा है। इसके पीछे कारण बताया गया कि आधे-अधूरे शौचालय निर्माण करने से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत व शासन द्वारा हितग्राहियों पर दबाव देकर शौचालय का निर्माण करा दिया गया लेकिन उसका प्रोत्साहन राशि हितग्राहियों को नहीं दिया गया।
जिला पंचायत आने के पूर्व ग्रामीणों ने इसकी शिकायत तमनार जनपद पंचायत में की थी। इसके बाद पिछले दिनों ५ अधिकारियों की टीम जांच करने के लिए आई और आठ शौचालय का निरीक्षण कर जांच पूरा कर दिया। ऐसे में इस जांच से ग्रामीण असंतुष्ट हैं।
ग्रामीणों के इस अनोखे प्रदर्शन के बाद जिला पंचायत सीईओ चंदन त्रिपाठी ने तत्काल इस मामले में जांच टीम का गठन करते हुए ग्रामीणों को मंगलवार को जांच कराने के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
रिश्तेदारों को लाभ
सरपंच पर पात्र हितग्राहियों के नाम राशन कार्ड से काटे जाने की बात कही गई है साथ ही बताया गया है कि सरपंच ने अपने सगे बड़े भाई को मिट्टी तेल विक्रेता बनाया है, भतीजे को राशन दुकान का जिम्मा दिया है। अपने सगे भतिजे को दिशा प्रोजेक्ट के तहत स्कूल में पढ़ाने के लिए शिक्षक नियुक्त करवा दिया है।
इनको नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
इस मामले में शिकायत मिलने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने स्वच्छ भारत मिशन के बीसी ब्लाक कोआर्डिनेटर और सीसी क्लस्टर कोऑर्डिनेटर को जांच का निर्देश दिया लेकिन इनके द्वारा अधिकारी नहीं होने की बात कही गई। जिसको लेकर जिला पंचायत सीईओ ने जांच टीम जिला स्तरीय गठित करते हुए उक्त दोनों को नोटिस जारी करने निर्देश दिया है। इसके बाद ग्रामीण भी थोड़े बहुत आश्वस्त दिखे कि उनकी सुनवाई अब आरंभ हो गई है।
राशन आबंटन में भी मनमानी का आरोप
सरपंच सचिव द्वारा मिलकर राशन दुकान का संचालन अपने रिश्तेदार के नाम से कराए जाने की शिकायत की गई है। जिसमें बताया गया है कि ४-५ वर्षाे में करीब १०० से अधिक राशन कार्ड बनाया गया है लेकिन १ सितंबर तक इसमें से किसी को राशन का आबंटन नहीं किया गया है। हितग्राही बाजार से महंगे दर पर राशन लेने को विवश हैं।
जिपं अध्यक्ष को नहीं मतलब, निकल गए
जिला पंचायत परिसर में केशरचुंआ ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम कर्रापाली, औराजोर और जामपाली के करीब १०० ग्रामीण जिला पंचायत परिसर में बैठे रहे। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष अजेश अग्रवाल जिला पंचायत से निकले लेकिन ग्रामीणों की समस्या से रूबरू नहीं हुए। गाड़ी में बैठे और जिला पंचायत से बाहर निकल गए।
-इस मामले में स्वचछ भारत मिशन के बीसी और सीसी को नोटिस किया जा रहा है साथ ही जांच के लिए जिला स्तरीय टीम का गठन किया गया है जो मंगलवार को गांव में जाकर जांच करेगी- चंदन त्रिपाठी, सीईओ जिला पंचायत, रायगढ़
Published on:
02 Oct 2018 10:01 am
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