रायगढ़. पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा प्लास्टिक है। इस बात को लेकर कसैया स्कूल के छोटे बच्चे डांस, गाना और मस्ती के बीच नन्हें बच्चे प्लास्टिक मुक्त करने के लिए अलख जगा रहे हैं। डांस और गाना के बीच लोगों को यह संदेश दे रहे हैं कि प्लास्टिक पर्यावरण प्रदूषण का सबसे बड़ा बड़ा कारण है।
केंद्र सरकार स्वच्छ भारत अभियान चला रही है। इस अभियान में समय-समय पर लोगों के द्वारा विभिन्न कार्य किया जाता है। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर घरघोड़ा के कसैया प्राथमिक शाला के बच्चे भी शामिल हो गए हैं। इस स्कूल के बच्चे डांस, गाना और मस्ती के बीच प्लास्टिक मुक्त करने के लिए संदेश दे रहे हैं। स्कूल प्रबंधन की ओर से इसका वीडियो भी सोसल मीडिया में वायरल किया गया है। लगातार बढ़ रहे पर्यावरण प्रदूषण को लेकर स्कूल के प्राथमिक शाला के नन्हें बच्चों का दो वीडियो बनाया गया है। एक वीडियो में छह बच्चों ने डांस की प्रस्तुति दी है। इसमें बच्चे गाना और डांस के माध्यम से यह बता रहे हैं कि प्लास्टिक से नालियां जाम होती है, जो लोगों में बीमारी फैलने का कारण है। इसके अलावा जहां-तहां बिखरे प्लास्टिक को खाने से मवेशियों की भी असमय मौत होती है। साथ ही प्लास्टिक पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचा रहा हैं। इससे प्लास्टिक के अपेक्षा कपड़े का थैला उपयोग में लाने का संदेश दिया जा रहा है। वहीं दूसरे वीडियो में बच्चे स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं। इस वीडियो के माध्यम से आसपास सफाई रखे जाने की बात कही जा रही है।
इनकी है मेहनत
बच्चो को डांस के लिए तैयार करने में स्कूल की शिक्षिका सपना एक्का ने खास मेहनत किया। इसके अलावा स्वच्छता व प्लास्टिक मुक्त करने का संदेश देने का कांसेप्ट नगर पंचायत उपाध्यक्ष कविता शर्मा का है। नपा उपाध्यक्ष कविता शर्मा वर्ष 2016 में कसैया स्कूल को अब्दुल कलाम गुणवत्ता शिक्षा अभियान के तहत गोद ली थी। इस समय से उक्त स्कूल में बच्चों को स्कूली शिक्षा के साथ सांस्कृतिक कार्याक्रम व अन्य गतिविधियों के लिए भी तैयार किया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन के द्वारा दिए गए टास्क में बच्चे भी लगातार खरे उतर रहे हैं।
रायपुर में मनवा चुके हैं लोहा
बताया जा रहा है कि कसैया प्राथमिक शाला के बच्चे कुछ साल पहले तक काफी पिछड़े हुए थे, लेकिन अब उनकी गतिविधि काफी बेहतर हो गई है। पिछले वर्ष रायपुर में आयोजित भाषण, डांस व अन्य प्रतियोगिता में पुरस्कार भी जीते। बताया जा रहा है कि चार दिन पहले प्लास्टिक मुक्त व स्वच्छता अभियान कांसेप्ट दिया गया था। इसकी तैयारी उन्होंने बेहतर तरीके से की।
वर्ष 2016 में मैंने अब्दुल कलाम गुणवत्ता शिक्षा अभियान के तहत स्कूल को गोद ली। पहले बच्चों में सांस्कृतिक व अन्य गतिविधियों को लेकर झिझक था, जिसे पहले दूर किया गया। अब वहां के बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में अव्वल हैं।
[typography_font:18pt;” >कविता शर्मा, नगर पंचायत उपाध्यक्ष, घरघोड़ा