29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

छत्तीसगढ़ का यह डैम बना जानलेवा… हर साल 2-3 लोगों की मौत, प्रतिबंध के बावजूद रोज पहुंच रहे लोग

Raigarh News: गर्मी की शुरूआत होते ही अब लोग फिर से रायगढ़ के पचधारी डैम पहुंचने लगे हैं। हर साल यहां डूबने से हो रही मौत को देखते हुए प्रशासन ने इसे प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया, लेकिन प्रशासन का यह आदेश सरकारी दस्तावेजों तक ही सीमित है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायगढ़

•

image

Khyati Parihar

•

Updated: 14 Mar 2026, 2:10 PM IST

रायगढ़ के पचधारी डैम पहुंचने लगे लोग (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायगढ़ के पचधारी डैम पहुंचने लगे लोग (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: गर्मी की शुरूआत होते ही अब लोग फिर से रायगढ़ के पचधारी डैम पहुंचने लगे हैं। हर साल यहां डूबने से हो रही मौत को देखते हुए प्रशासन ने इसे प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया, लेकिन प्रशासन का यह आदेश सरकारी दस्तावेजों तक ही सीमित है। यहीं कारण है कि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इससे इस साल भी मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। बीते गुरुवार को एक छात्र की डूबने से मौत हो गई। इसके बाद भी प्रशासन रोक लगाने के लिए किसी प्रकार से सज्ञान नहीं ले रहा।

तापमान में वृद्धि के साथ लोग सुबह से शाम तक पचधारी एनीकट डैम पहुंच रहे हैं। यहां ज्यादातर लोग डैम के नीचे पानी में बैठे रहते हैं तो वहीं युवा वर्ग ज्यादातर डैम के गहरे पानी में छलांग लगाते रहते हैं। इसके हादसा भी होता है और लोगों की जान भी जाती है। इसे देखते हुए करीब तीन-चार साल पहले जिला प्रशासन द्वारा पचधारी एनीकट को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया था। साथ ही एक बोर्ड लगाया गया था और सुबह शाम तक पुलिस गश्त करती थी, लेकिन अब न तो यहां प्रतिबंध की सूचना देने वाला बोर्ड है और ना ही वहां पुलिस पहुंचती है। इससे बेखौफ होकर लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

क्या कहते हैं स्थानीय लोग

इस संबंध में गोवर्धनपुर निवासी रामेश्वर सिदार, किरित राम व बनमाली ने बताया कि यहां के लगातार हो रहे हादसे को देखते हुए गांव की तरफ से जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं, लेकिन अब पुलिया जर्जर होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा नीचे से एक रास्ता बनाया गया था, जो अब टूट गया है, उसी रास्ते से बाइक चालक व पैदल लोग लगातार एनीकट तक आना-जाना कर रहे हैं।

बगैर रास्ते पहुंच रहे लोग

यहां साथ दो युवती की डैम में डूबने से मौत होने के बाद इस डैम तक पहुंचने वाले लगभग सभी रास्ते बंद कर दिए थे। इससे कहीं गड्ढा किया गया था तो कहीं ग्रामीणों द्वारा तार से घेर कर रास्ता रोका गया था, लेकिन लोगों में एनीकट में नहाने के लिए लोग गड्ढे से लेकर झडिय़ों के बीच से गुजरते हुए पहुंच जा रहे है।

बनाया नया रास्ता

गोवर्धनपुर पुलिया के नीचे से बस्ती से भी एक पकडंडी रास्ता एनकीट तक जाता था, जिसे स्थानीय ग्रामीणों ने पहले डंगाल रखकर बंद किया था, लेकिन उसके बाद भी आना-जाना बंद नहीं हुआ तो उस रास्ते में ही एक मंदिर का निर्माण करा दिया। उसके बाद जो छोटी सी जगह बची थी उसे तार से घेर दिया। इसके बाद लोगों ने डायरेक्टर नदी से उतरकर जाना शुरू कर दिए हैं।

आबाद होने लगी दुकानें

उल्लेखनीय है कि पचधारी डेम में अब दुकान भी संचालित होने लगा है। क्योंकि यहां सुबह से भी लोग नहाने के लिए पहुंचते हैं। जिसको देखते हुए अब सायकल व बाइक में छोटे व्यवसायी में मूरा, बटाटा व गुपचुप लेकर पहुंच जा रहे हैं, जो पूरे दिन उनकी अच्छी-खासी बिक्री भी होती है, इसी को लेकर अब यहां व्यवसाय भी शुरू हो गया है।

कल जाकर स्थल निरीक्षण करेंगे, इसके बाद इस पर रोक लगाने के लिए क्या किया जा सकता है, उस पर काम किया जाएगा। -महेश शर्मा, एसडीएम, रायगढ़