सरकारी अस्पताल में किस प्रकार से निजी को फायदा पहुंचाया जा रहा है और मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। इस बात का प्रमाण इससे मिलता है कि अधिकांश डाक्टर की टेबल पर निजी लैब, पैथोलॉजी और रेडियोलाजिस्ट की पर्ची रखी हुई मिल जाती है। जिसको जहां भेजना होता है उसे उस लैब, सेंटर की पर्ची काटकर थमा दी जाती है। बकायदा ओपीडी में ही मौजूद डाक्टर की टेबल पर तीन निजी सेंटरों की पर्ची नाम व पते के साथ उपलब्ध थी।