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फाइन आर्ट में रायगढ़ के युवाओं ने एनआईडी व एनआईएफटी में लहराया परचम

- ग्रामीण परिवेश वाले गोविंदा को मिला देश में 21वां स्थान - 570 रैंक के साथ संगीता ने भी किया टॉप, हुआ कैंपस सलेक्शन

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फाइन आर्ट में रायगढ़ के युवाओं ने एनआईडी व एनआईएफटी में लहराया परचम

फाइन आर्ट में रायगढ़ के युवाओं ने एनआईडी व एनआईएफटी में लहराया परचम

रायगढ़. डॉक्टर, इंजीनियर व प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी जगह बनाने की होड़ के बीच रायगढ़ के युवाओं का फाइन आर्ट में काफी रुझान देखने को मिल रहा है। इसकी पुष्टि तब हुई जब रायगढ़ से लगे औरदा जैसे गांव में पले बढ़े युवा ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबाद में अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए देश में २१वां स्थान प्राप्त किया है। वहीं कोतरारोड की एक बेटी ने भी चेन्नई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नॉलॉजी में 570 रैंक के साथ टॉप की है। जिले के इन दोनों युवा कलाकारों की इस प्रतिभा देख कैंपस सलेक्शन भी हो गया है। जिससे फाइन आर्ट के दुनिया में उनका कॅरियर संवरने की बात कही जा रही है।

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कहते है कि हर किसी में कुछ ना कुछ ऐसी हुनर होता है। जिसे सिर्फ जरुरत है तो उभारने की...। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है रायगढ़ के दो युवाओं ने। मामला फाइन आर्ट से जुड़ा हुआ है। जिसमें शहर से सटे औरदा निवासी गोविंदा साव पिता सुरेश साव ने फाइन आर्ट में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबाद में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।

गोविंदा ने इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शामिल होकर देश में २१वां स्थान प्राप्त किया है। गोविंदा का यह २१वां स्थान, जनरल कैटगिरी से हैंं। ओबीसी कैटगिरी में उसका यह स्थान ८वां है। फाइन आर्ट में शहर की बेटियां भी किसी से कम नहीं है। शहर के कोतरा रोड राजीव नगर के संगीता मैटी पिता मुकेल मैटी ने चेन्नई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नालॉजी में हुए परीक्षा में 570 रैंक हासिल कर टॉप किया है।

पत्रिका के साथ चर्चा के दौरान गोविंदा व संगीता ने बताया कि फाइन आर्ट के प्रति उनका रुझान बचपन से ही है। स्कूल के दिनों में ही वो पेंटिंग को लेकर खासे उत्साहित थे। यही वजह है बढ़ती उम्र के साथ उन्होंने होड़ मचने वाले अन्य क्षेत्र की बजाए फाइन आर्ट में अपना कॅरियर संवारने की पहल की। गोंविदा का अहमदाबाद व संगीता का चेन्नई की कंपनी में कैंपस सलेक्शन हुआ है।

बड़े शहरों की तर्ज पर दिख रहा है जुनून
बड़े शहरों की तर्ज पर रायगढ़ में युवा भी अब फाइन आर्ट, कैनवाश, इंस्टालेशन आर्ट की तरफ रुख कर रहे हैं। चित्र को पूरी दास्तां को बयां करने की इस पहल में शहर ही नहीं बल्कि ग्रामीण परिवेश वाले बच्चों को भी रुझान देखने को मिल रहा है। शहर के सत्तीगुड़ी चौक दरोगा पारा में एक ऐसी ही संस्था है। जहां बच्चों को चित्रकारी के विभिन्न कलाओं से रुबरु कराने को लेकर प्रशिक्षित किया जा रहा है। करीब तीन साल पहले शुरु की गई इस सफल कवायद का डंका, अब प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में बज रहा है।

रायगढ़ जिले के लिए फाइन आर्ट की दिशा में यह पहली बड़ी उपलब्धि है। जब दो बच्चों का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबादव चेन्नई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नालॉजी में आयोजित परीक्षा में सफलता मिली है। कैंपस सलेक्शन ने उक्त बच्चों के कॅरियर को पंख भी लगेंगे- बबुआ दास, ट्रेनर फाइन आर्ट रायगढ़