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बढ़ा हुआ किराया देने पर दुकान का संचालन कर सकेगा हितग्राही, नहीं तो निगम करेगा ये कार्रवाई, पढि़ए खबर…

- राजस्व बढ़ाने निगम की कवायद, नगरीय निकाय संचालनालय को भेजा गया प्रस्ताव
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रायगढ़

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Shiv Singh

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Updated: 29 Jun 2018, 8:50 PM IST

बढ़ा हुआ किराया देने पर दुकान का संचालन कर सकेगा हितग्राही, नहीं तो निगम करेगा ये कार्रवाई, पढि़ए खबर...

बढ़ा हुआ किराया देने पर दुकान का संचालन कर सकेगा हितग्राही, नहीं तो निगम करेगा ये कार्रवाई, पढि़ए खबर...

रायगढ़. नगर निगम अपने राजस्व को बढ़ाने के लिए हर प्रकार से तैयारी कर रहा है। इसमें दुकानों से भी आय बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया गया है। दुकानों का किराया भी कलेक्टर दर से तय किया जाएगा। इससे दुकानों का किराया काफी बढ़ जाएगा। दुकानों का नया किराया तय होने के बाद इस बात की जानकारी हितग्राही को दी जाएगी। वहीं संबंधित हितग्राही यदि नया किराया देने के लिए तैयार हो जाता है तो दुकान का संचालन कर सकेगा। वहीं यदि नया किराया देने के लिए राजी नहीं हुआ तो निगम दुकान को निरस्त करते हुए नए सिरे से खुली नीलामी करेगी। इसका प्रस्ताव शासन को बना कर भेजा गया है।

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नगर निगम का मौजूदा आय विभिन्न स्त्रोतों से करीब 20 करोड़ रुपए है। यह राशि नगर निगम के वेतन देने के अलावा पेट्रोल-डीजल में ही समाप्त हो जाते हैं। ऐसे में लगातार यह प्रेशर है कि नगर निगम स्वयं अपना आय बढ़ाए। इसके लिए शासन स्तर पर टीम भी निगम में पहुंच चुकी है। पिछले दिनों आए टीम ने कई सुझाव दिए। इसमें एक सुझाव दुकानों के किराए को लेकर भी है।

मौजूदा समय में निगम की दुकानों के किराए पर गौर करे तो शहर के चाहे रिहायशी इलाके में हो गया कि किसी अन्य स्थानों पर जितने भी 20 वर्ष के पहले के दुकानें हैं, उन प्रति दुकानों से निगम को 30 रुपए से पांच सौ रुपए तक ही हर माह आय होता है। इससे दुकानों से आय सीमित होती है। ऐसे में दुकानों से आय को लेकर नया प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार निगम की दुकानों का किराया लिया जाना है। ऐसे में निगम को जो मौजूदा समय में आय हो रही है इससे दुकानों का आय काफी बढ़ जाएगा।

हालांकि इस प्रस्ताव को शासन के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया है। वहीं यदि स्वीकृति मिल जाती है नगर निगम के द्वारा शहर के प्रत्येक दुकानों का नए सिरे से किराया तय किया जाएगा। वहीं मौजूदा समय में जिन हितग्राहियों के पास दुकान हैं उन्हें इसकी जानकारी दी जाएगी। साथ ही नया किराया लिया जाएगा। इस किराया को नहीं देने की स्थिति में संबंधित हितग्राही की दुकान निरस्त की जाएगी। वहीं इसके बाद नए सिरे से उक्त दुकान की खुली नीलामी की जाएगी।

बढ़ाई जाएगी लीज अवधि
भेजे गए इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद नगर निगम का आय बढ़ जाएगा और निगम को लाभ होगा। वहीं इसके बाद नगर निगम का यह प्रस्ताव है कि इसमें लोगों को लाभ देने के लिए लीज अवधि बढ़ाई जाएगी। मौजूदा समय में नगर निगम जो दुकान आवंटित करती है उसमें तीन साल की लीज अवधि रहती है। हर तीन साल बाद इसका नवीनीकरण कराना पड़ता। वहीं जब नया किराया लागू किया जाएगा तब दुकानों की लीज अवधि भी बढ़ाई जा सकती है। इसे तीन साल से बढ़ा कर १५ से २० या इससे भी अधिक अवधि तक किया जा सकता है।
- निगम का राजस्व बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार करते हुए शासन को भेजा गया है। इसमें संपत्ति कर के साथ दुकानों का किराया भी शामिल है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद इसे शुरू किया जाएगा- विनोद पांडेय, आयुक्त, नगर निगम