
सूचना मिलते ही पहुंचते हैं सर्पमित्र, फिर करते हैं ये काम, देखिए वीडियो...
रायगढ़. सर्पदंश की घटनाएं बढ़ रही है। इससे लोगों में भय है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटना शहरों की तुलना में अधिक है। सर्पदंश के बाद ग्रामीण अस्पताल जाने की बजाए झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं। इससे इलाज में देरी से भी कई ग्रामीण काल के ग्रास में समा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सर्पमित्र द्वारा सांप पकडऩे का काम किया जा रहा है। यदि किसी घरों में सांप प्रवेश कर जाता है और लोगों द्वारा सर्पमित्र को सूचना दी जाती है तो सर्पमित्र वहां पहुंचते हैं और सांप को पकड़कर उन्हें जंगल में छोड़ देते हैं। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सांप निकलने की सूचना मिलने पर सर्प मित्र के सदस्य तत्काल मौके पर पहुंचते हैं और सांप को पकड़ कर उसे सुरक्षित जंगल में छोडऩे का काम कर रहे हैं।
सर्प मित्रों ने बताया कि हर प्रजाती के सांपो को अलग-अलग क्षेत्रों में छोड़ा जाता है, ताकि सभी सुरक्षित रह सकें। जैसे अहिराज को और संापो के बीच छोडऩे से वह लगभग सभी सांपों को मार खाता है। इसेक अलावा धमना सांप को नदी के किनारे छोड़ा जाता है ताकि वह चूहा खाकर अपना जीवन बीता सके।
सेवा भाव से काम करने वाले सर्प मित्रों का कहना है कि अगर उन्हें शहर की संस्थाओं या प्रशासन की ओर से थोड़ी सहायता मिल जाए तो वे बेहतर काम कर पाएंगे। क्योंकि संसाधनों की कमी की वजह से वे कई प्रताजियों के सांप को पकड़ नहीं पाते।
Read More : Chhattisgarh News
Updated on:
26 Sept 2019 12:16 pm
Published on:
26 Sept 2019 12:08 pm
बड़ी खबरें
View Allरायगढ़
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
