रायगढ़. धरमजयगढ़ वन मंडल में लगातार अवैध शिकार के मामले सामने आ रहे हैं। इससे इंसान के साथ वन्य प्राणियों की जान भी जा रही है। ऐसे में विभाग अब अवैध शिकार रोकने संवेदना अभियान शुरू कर दिया है। संदेवना अभियान चला कर लोगों को वन्य प्राणियों की रक्षा करने की जागरूक किया जा रहा है। इसमें बताया जा रहा है कि वन्य प्राणी हमारे साथी है। हमें इनकी रक्षा करना है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दो से तीन माह पर गौर करें तो अवैध शिकार के मामले लगातार सामने आए हैं। इसमें सबसे ज्यादा मामला धरमजयगढ़ वन मंडल का है। अवैध शिकार के लिए बिछाए गए विद्युत तार की चपेट में आकर संभवता: छोटे वन्य प्राणियों की मौत हो ही रही है। वहीं हाथियों की मौत हो रही है। इसे रोकने के लिए अब वन विभाग संदेवना अभियान शुरू कर रहा है। बताया जा रहा है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वनमंडल स्तर पर वन्यप्राणियों एवं अवैध शिकार की रोकथाम करना है। इसमें मुख्य रूप से अवैध विद्युत कनेक्शन से वन क्षेत्रों में शिकार के उद्देश्य से हो रही वन्यप्राणियों, व्यक्तियों और पालतू पशुओं की असमय मृत्यु की रोकथाम करना है। संवेदना अभियान के अंतर्गत स्थानीय ग्रामीणों को वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा के बारे में बताया जाएगा। वहीं अवैध तरीके से जंगल में शिकार के उद्देश्य से बिछाए जाने वाले बिजली करंट से होने वाले वन्यप्राणियों के नुकसान और स्थानीय ग्रामीणों की मौत के संबंध में जागरूक कराना है। इस अभियान में पुलिस विभाग, बिजली विभाग और राजस्व विभाग को भी जोडऩा है। ताकि विभाग आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान करने एवं अवैध विद्युत कनेक्शन से होने वाली घटनाओं की रोकथाम कर सके।
अभियान में ऐसे लाएंगे जागरूकता
इस अभियान के तहत वन क्षेत्रों में अवैध रूप से शिकार के उद्देश्य से अवैध विद्युत तार फैलाने वालों की पहचान करना समझाईश देना है, ताकि समय पूर्व घटना को रोका जा सके। इसके अलावा ग्राम स्तर पर चौपाल लगाकर स्थानीय ग्रामीणों को अवैध विद्युत तार से होने वाले नुकसानी के बारे में चर्चा करना है। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करना और उन वन क्षेत्रों में नियमित गश्त करना, एंटी स्नेयर वॉक कर अवैध विद्युत तार कनेक्शन, मानक ऊंचाई से कम के बिजली कनेक्शन को बिजली विभाग के सहयोग से सुधार करना शामिल है।
सूचना देने वालों को करेंगे पुरस्कृत
इसके आलवा हाथी उपस्थिति के नजदीकी गांवों में प्रचार-प्रसार कर ग्रामीणों को शिकार न करने की मुनादी कराई जाएगी। वन्यप्राणियों का शिकार करने वालों की सूचना देने वाले और सही सूचना पर अपराधी पकड़े जाने की स्थिति में सूचना देने वाले का नाम और पहचान गुप्त रख कर उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसमें वन क्षेत्रों में आने वाले स्कूलों में भी विभागीय अमला पहुंचेगा। साथ ही पॉम्प्लेट, दीवाल लेखन, चलचित्र, मुनादी, जागरूकता रैली, व ग्रामीणों और अन्य विभागों के सहयोग से अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करना और वन्यप्राणियों की सुरक्षा में सहयोग प्राप्त करना है।
वर्सन
वन्य प्राणियों का अवैध शिकार रोकने संवेदना अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत लोगों को वन्य प्राणियों की महत्ता बताते हुए जागरूक करना है। शिकार वन्य प्राणियों की मौत के साथ जनहानि भी होती है। लोगों को जागरूक करते हुए इस रोक लगाना है।
अभिषेक जोगावत, डीएफओ, धरमजयगढ़