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बिल्डर अनिल केडिय़ा की गिरफ्तारी नही हुई तो शिव सेना करेगी आंदोलन

क्षेत्र के निवासियों के साथ एसपी को सौपा ज्ञापन

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बिल्डर अनिल केडिय़ा की गिरफ्तारी नही हुई तो शिव सेना करेगी आंदोलन

क्षेत्र के निवासियों के साथ एसपी को सौपा ज्ञापन

रायगढ़। गोवर्धनपुर में कालोनी निर्माण के लिए सर्व समाज के शमशान पर भी अतिक्रमण करने कब्र तोड़कर समतलीकरण करने के मामले में शिव सेना ने क्षेत्र के निवासियों के साथ एसपी को ज्ञापन सौप कर आरोपी अनिल केडिय़ा की जल्द गिरफ्तारी और जांच के दायरे में भू स्वामी को भी रखने की मांग की है।
शिव सेना के जिला सचिव विजय लकड़ा के नेतृत्व में गोवर्धनपुर क्षेत्र के निवासियों ने एसपी अभिषेक मीणा को ज्ञापन सौपते हुए कहा कि गोवर्धनपुर में कालोनी निर्माण को लेकर कालोनाईजर अनिल केडिय़ा ने भू स्वामी के साथ मिलकर जमीन समतलीकरण करते हुए शमशान भूमि पर भी अवैध कब्जा की नीयत से कब्र तोड़ कर समतलीकरण कर दिया गया। कब्र तोडऩे से भावनाएं आहत हुई है। साथ ही धार्मिक भावना को भी ठेस पंहुची है। क्षेत्र के निवासियों की शिकायत पर चक्रधरनगर थाने में बिल्डर अनिल केडिय़ा पर जुर्म दर्ज तो कर लिया गया है परंतु कार्रवाई आगे नही बढ़ाई जा रही है। साथ ही जांच भी रोक दी गई है और भू स्वामी के सहमति से ही समतलीकरण किया गया है लिहाजा भू स्वामी को भी जांच के दायरे में लेना चाहिए जो नही किया जा रहा है। शिव सेना ने ज्ञापन देते हुए मांग की है कि अनिल केडिय़ा की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए और भू स्वामी को भी जांच के दायरे में ले कर कार्रवाई की जाए। यदि 7 दिनों में मांग पूरी नही होती है तो हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।जिसकी जवाबदारी पुलिस प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने के दौरान उमेश श्रीवास, रिक्की विश्वास, अंकित सराफ, रोमालुस टोप्पो, प्रभा लकड़ा, उत्तरा बाई, ललिता सहित गोवर्धनपुर के रहवासी व शिव सैनिक उपस्थित थे।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगाया आरोप
वही विजय लकड़ा ने कहा कि अनिल केडिय़ा पर एफआईआर हुए 10 दिन से भी अधिक समय हो गया है लेकिन उज़की गिरफ्तारी आज तक नही हो सकी है जिससे पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहा है। विजय ने कहा कि यदि आम आदमी पर एफआईआर होती तो पुलिस उसे सरेंडर करने मजबूर कर देती लेकिन अनिल केडिय़ा के रसूख के आगे पुलिस बौनी नजऱ आ रही है।
राजस्व विभाग पर भी लगाया आरोप
क्षेत्र के लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि राजस्व विभाग इस मामले में हंगामे के बाद जांच करने के लिए जरूर पहुंची थी लेकिन मामले को लेकर तैयार पंचनामा तक में भू-स्वामी का नाम उल्लेख नहीं किया गय है। राजस्व विभाग भी भू-स्वामी पर कार्रवाई करने से कतरा रही है।