
तालाब के निर्माण का कार्य
रायगढ़। बिना वर्कआर्डर के सारंगढ़ के मुड़ा तालाब में गहरीकरण व सौंदर्यीरकण का काम नगर पालिका के अधिकारियों ने शुरू करा दिया। कार्यआदेश जारी होने के पूर्व तक लाखों रुपए का काम पूरा करा दिया गया था। इस मामले को गरमाते देख स्वीकृति के पखवाड़े भर पूर्व ठेकेदार ने काम बंद कर दिया था, लेकिन २५ मई को कार्यआदेश जारी होने के बाद फिर से काम चालू कर दिया गया है। अब इस मामले को लेकर जांच की मांग उठने लगी है।
सारंगढ़ के मुड़ा तालाब के जीर्णोद्धार के लिये नगरीय प्रशासन विभाग के द्वारा 2.96 करोड़ रूपए की राशी स्वीकृति किया गया था। जिसके लिये निविदा आमंत्रित किया गया था तथा निविदा दर कम होने के कारण से रायपुर के प्रवीण अग्रवाल को काम मिला था। लेकिन इस निमार्ण कार्य को नगरीय प्रशासन विभाग के द्वारा स्वीकृति अनुमोदन नही दिया गया था जिसके कारण से ठेकेदार प्रवीण अग्रवाल रायपुर को वर्क आर्डर नही मिला था। फिर भी सीएमओ संजय सिंह के द्वारा नगरीय प्रशासन विभाग के निर्देशो को ठेंगा दिखाते हुए बिना दर स्वीकृति के अनुमोदन और बिना वर्क आर्डर के मुड़ा तालाब का काम शुरू कराने का मौखिक आदेश ठेकेदार को दिया गया और दो माह तक ठेकेदार के द्वारा बिना वर्क आर्डर के ही निमार्ण कार्य किया गया। बताया जा रहा है कि लगभग 1 करोड़ रूपये से अधिक का निमार्ण कार्य को ठेकेदार के द्वारा बिना वर्क आर्डर के ही कर दिया गया है तथा वर्क आर्डर और दर स्वीकृति के अनुमोदन नही होने के कारण से 15 मई को काम बंद कर दिया गया। वही दूसरी ओर 2.96 करोड़ रूपए के बड़ी राशी के निमार्ण कार्य मे कम दर पर टेंडर भरने वाले चयनित ठेकेदार को बिना वर्क आर्डर के उपअभियंता तारकेश्वर नायक के द्वारा किस आधार पर ले आउट दिया गया और किस आधार पर मुड़ा तालाब का पानी खाली कराया गया। इसको लेकर सवाल उठने लगा है।उक्त कार्य में एसओआर दर से ५ प्रतिशत अधिक में कार्य करने का आदेश दिया गया है।
गुणवत्ता को किया दरकिनार
मुड़ा तालाब में बिना बेस के वाल का निमार्ण करा दिया गया है उसके बीच मे जो दो फीट का गिट्टी मिक्सर डाला जा रहा है उसमें भी गड़बड़ी बताई जा रही है। इस काम को 20 एमएम के गिट्टी से करना था किन्तु ठेकेदार के द्वारा 10 एमएम और 6 एमएम के मिक्सर के साथ काम किया जा रहा है।
सरोवर धरोहर योजना के तहत हो रहा काम
बताया जा रहा है कि मुड़ा तालाब के गहीकरण व सौंदर्यीकरण का काम सरोवर धरोहर योजना के तहत किया जा रहा है। लेकिन इसके टेंडर में प्रतिस्पर्धा का अभाव देखने को मिल रहा है जिससे लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कहीं सिंडीकेट बनाकर इस काम को तो नहीं लिया गया है।
वर्सन
शासन से हरी झंडी मिलने के बाद काम चालू किया गया है। बारिश शुरू होने के बाद काम नहीं हो पाता। वर्कआर्डर में कुछ देरी हो जाती है।
संजय सिंह, सीएमओ नगर पालिका सारंगढ़
Published on:
30 May 2022 07:04 pm
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