
रायगढ़ जिले ने दस रुपए के सिक्कों लेकर कानून को ही ठेंगा दिखाना शुरू कर दिया
रायगढ़. देश का कानून कहता है कि वह सभी राज्यों जिलों ग्राम पंचायतों तक में समान रूप से लागू होगा, लेकिन रायगढ़ जिले ने दस रुपए के सिक्कों लेकर कानून को ही ठेंगा दिखाना शुरू कर दिया है।
यहां दुकानों में एक, दो व पांच रुपए का सिक्का तो आसानी से लिया दिया जा रहा है, लेकिन जैसे ही बात आती है दस रुपए के सिक्के की तो व्यापारी और ग्राहक दोनों ही उसे लेने-देने से आनाकानी करने लगते हैं। इसकी मूल वजह यहां संचालित बैंक की प्रक्रिया को बताया जा रहा है।
पत्रिका ने जब इस समस्या की हकीकत जानने के लिए दुकान संचालक, आम लोगों व बैंक वालों से बात की गई तो एक हल सामने आया कि यदि बैंक वाले बाकी मुद्रा की तरह सिक्कों को भी लेने लगे तो यह समस्या अपने आप खत्म हो जाएगी। रायगढ़ वासियों का कहना है कि यदि वह दस रुपए का सिक्का लेकर दुकान में जाते हैं तो दुकानदार उन्हें तब तक समान नहीं देता, जब तक कि वह सिक्का वापस लेकर दूसरे सिक्के या नोट न दे।
इस बारे में दुकान संचालकों की भी एकदम स्पष्ट राय है। उनका कहना है कि उनके पास हजारों की संख्या में दस रुपए के सिक्के इकट्ठे पड़े हैं। जब भी वह उसे बैंक में जमा करने जाते हैं तो बैंक वाले उसे लेने से ही मना कर देते हैं। वह बहाना बनाते हैं कि वह बाजार में फुटकर की किल्लत को दूर करने के लिए सिक्के देते हैं, लेने लगेंगे तो फिर से समस्या आ जाएगी।
बैंक भी नहीं ले रहा है सिक्के
दस के सिक्के दुकानदार तो दूर बैंक वाले खुद नहीं ले रहे हैं। मुझे बैंक वाले ने सिक्के लेने से मना कर दिया था। कारण पूछने पर उन्होंने सिक्के मार्केट में जारी करना बताया न कि जमा लेना।
पवन शर्मा, स्थानीय, रायगढ़
-इस समस्या का हल निकालने के लिए एसडीएम को निर्देशित किया जाएगा कि वह ऐसा करने वाले के खिलाफ जांच कर कार्यवाही करें।
-शम्मी आबिदी, कलेक्टर, रायगढ़
Published on:
31 Oct 2018 08:49 pm
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