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चमेली की डिमांड पर प्रशासन हैरान, कहा बुलाना है कंबल वाले बाबा को, जानिए क्या है माजरा

मंत्री के असफल इलाज से चर्चा में आए कंबलवाले बाबा की डिमांड अब जिले में भी बढ़ रही है।

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मंत्री के असफल इलाज

मंत्री के असफल इलाज से चर्चा में आए कंबलवाले बाबा की डिमांड अब जिले में भी बढ़ रही है।

रायगढ़. मंत्री के असफल इलाज से चर्चा में आए कंबलवाले बाबा की डिमांड अब जिले में भी बढ़ रही है। बकायदा ग्रामीणों ने इस बाबा का शिविर आयोजित करवाने के लिए कलक्टर को आवेदन भी दे दिया है। ग्रामीणों का मानना है कि ये बाबा पल भर में बीमारी ठीक कर देते हैं।

बकायदा ग्रामीणों ने इसके लिए कलक्टर को आवेदन सौंपा है और कंबल वाले बाबा का स्वास्थ्य शिविर लगाने की अनुमति जिला प्रशासन से जनदर्शन में आवेदन देकर मांगा है। हांलाकि इस आवेदन को स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया गया है, अब यह पेंच फंस गया है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले अपनी क्या राय देता है।

मिली जानकारी के अनुसार जनपद सदस्य चमेली सिदार, सरपंच ममता के अलावा गेरवानी महिला मंडल मंगलवार को कलक्टोरेट पहुंची थी और इस दिन कलक्टोरेट में आयोजित जनदर्शन में कलक्टर को एक आवेदन दिया है। जिसमें बताया गया है कि गेरवानी में बीमारी का आलम है ऐसे में कंबल वाले बाबा का स्वास्थ्य शिविर पांच सप्ताह के लिए लगाया जाना है इसके लिए अनुमति प्रदान की जाए।

साथ ही प्रशासन को बताया गया है कि उक्त विशिष्ट ढंग से मरीजों का इलाज नि:शुल्क करते हैं। इस शिविर से क्षेत्र के काफी लोगों को लाभ मिलने की बात कहते हुए महिला संघ ने अनुमति दिलाए जाने की मांग की है।

ऐसे हुए बाबा फेमस- विदित हो कि कंबलवाले बाबा ने उस वक्त सुर्खियां बटोरी थी जब प्रदेश के गृहमंत्री रामसेवक पैंकरा इस कंबलवाले बाबा के पास अपने डायबिटीज का इलाज करवाने पहुंचे थे। हलांकि मंत्री के इस अंधविश्वास को लेकर पूरे प्रदेश में जमकर फजीहत की स्थिति बनी थी। इसके बाद भी गेरवानी की महिलाओं ने कंबल वाले बाबा के चिकित्सा शिविर लगाने की मंाग कलक्टर से की है।


असमंजस में विभाग- महिलाओं ने अपनी इस मांग को बकायदा कलक्टर के जनदर्शन में सौंप दिया कलक्टर ने भी उसे स्वास्थ्य विभाग को फावर्ड कर दिया। अब असमंजस में स्वास्थ्य विभाग है कि इस शिविर को लगाने की अनुमति दी जाए या नहीं। फिलहाल इस मामले में अभी कोई फैसला नहीं आया है।