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शिक्षाकर्मियों को ट्रेन से उतारा जांच के नाम पर फिर इस तरह रोक दिया रायपुर जाने से

रायपुर में शिक्षाकर्मी संघ और सरकार के बीच वार्ता विफल होने के बाद महारैली की घोषणा की गई।

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रायपुर में शिक्षाकर्मी संघ और सरकार के बीच वार्ता विफल होने के बाद महारैली की घोषणा की गई।

रायपुर में शिक्षाकर्मी संघ और सरकार के बीच वार्ता विफल होने के बाद महारैली की घोषणा की गई। इस रैली को रोकने के उद्देश्य से जिले से रायपुर के लिए रवाना हो रहे शिक्षकर्मियों को पुलिस ने रोक दिया।

रायगढ़.रायपुर में शिक्षाकर्मी संघ और सरकार के बीच वार्ता विफल होने के बाद महारैली की घोषणा की गई। इस रैली को रोकने के उद्देश्य से जिले से रायपुर के लिए रवाना हो रहे शिक्षकर्मियों को पुलिस ने रोक दिया।

इसको लेकर शिक्षाकर्मियों और पुलिस के बीच नोक-झोंक भी हुई। बताया जाता है कि पहले शिक्षाकर्मियों को रोककर टिकट व मोबाईल चेक करने के बाद नहीं छोड़ा गया तो शिक्षाकर्मी आक्रोसित हो गए और पुछ बैठे कि किसलिए उनको रोका जा रहा है। इसको लेकर पुलिस व शिक्षाकर्मियों के बीच नोक झोंक भी हुई।

सूत्रों की माने तो सुबह जनशताब्दी व बीआर के समय में स्टेशन में तैनात पुलिसकर्मी जहां स्टेशन के बाहर ही लोगों के टिकट और मोबाईल में वाट्सएप ग्रुप चेक कर शिक्षाकर्मियों को रोक रहे थे। वहीं शिक्षाकर्मियों की माने तो कई ऐसे शिक्षाकर्मी जो कि बकायदा टिकट कटाकर ट्रेन में बैठ चुके थे उनको जांच के नाम पर उतारकर महारैली में शामिल होने से रोक दिया गया।

हांलाकि इसके बाद भी जिले से सैकड़ों की संख्या में शिक्षाकर्मी महारैली में शामिल होने के लिए रायपुर जाने में सफल हो गए। हांलाकि यह भी बताया जा रहा है कि रायपुर स्टेशन में भी तैनात पुलिस बल रैली स्थल बुढ़ा तालाब जाने से शिक्षाकर्मियों को रोकने लगे।

इस दौरान कुछ रैली में नहीं जा पाए तो कुछ किसी तरह से रैली स्थल तक पहुंच गए। शिक्षाकर्मियों ने आरोप लगाया है कि सरकार शिक्षाकर्मियों के रेली के घोषणा से घबराकर यह कदम उठाई है जिसके कारण रैली में शामिल होने के लिए पुलिस का सहारा लेकर रोकने का काम किया गया है।


रास्ते में ही रोक दिया शिक्षाकर्मियों को- जिले के धरमजयगढ़, बरमकेला व अन्य कई विकासखंडों से सुबह जब शिक्षाकर्मियों की भीड़ रायपुर जाने के लिए मुख्यालय में पहुंचे तो शहर के चौक-चौराहों में तैनात पुलिस के जवाब ने पहले तो वाहनों को रोककर जांच करना शुरू कर दिया। इसके बाद उनको रोक दिया गया जिसके कारण ट्रेन का समय निकलने के बाद उनको किसी तरह से छोड़ा गया।


जिला पंचायत सदस्य पहुंचे थाने- सुबह इसकी सूचना मिलने के बाद जिला पंचायत सदस्य वासुदेव यादव, कांग्रेस के शाखा यादव व अन्य कांग्रेसी कोतवाली व कोतरा रोड थाना पहुंचे। थाने के बाहर जमकर पुलिस के इस कार्रवाई का विरोध किए। वहीं कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए इसे दमनकारी निती बताया।

पुलिस ने रोका बस, शिक्षाकर्मियों ने किया चक्काजाम- सारंगढ़ क्षेत्र में भी शिक्षाकर्मियों को महारैली में शामिल होने के लिए जाने से पुलिस ने रोक दिया। जिस बस में शिक्षाकर्मी रायपुर के लिए रवाना हुए थे उस बस को जांच के नाम पर रोककर शिक्षाकर्मियों को उतार दिया गया। इससे आक्रोशित शिक्षाकर्मियों ने दानसरा बेरियर के पास पुलिस के इस कार्रवाई व सरकार के निर्णय के खिलाफ चक्काजाम कर दिए।

शिक्षाकर्मी संघ के पदाधिकारियों की माने तो सारंगढ़, सरिया, व आस-पास क्षेत्र के शिक्षाकर्मियों को सारंगढ़ से रायपुर पास पढ़ता है इसके कारण महारैली में शामिल होने के लिए सुबह सारंगढ़ से बस में सवार होकर रायपुर के लिए रवाना हुए थे तभी कुछ बसों को सारंगढ़ से कुछ दूरी पर रोककर पुलिस ने जांच शुरू कर दिया तो कुछ बसों को दानसरा बेरियर के पास रोककर जांच शुरू कर दिया।

जांच के दौरान पता चला कि उसमें शिक्षाकर्मी भारी संख्या में है तो उक्त बस को काफी देर तक जांच के नाम पर रोक दिया गया। इससे आक्रोसित शिक्षाकर्मियों ने वहीं पर विरोध में चक्काजाम शुरू कर दिया। बताया जाता है कि दोपहर 12.30 बजे तक दानसरा के पास शिक्षाकर्मी चक्ककाजाम में बैठे रहे और यह प्रदर्शन जारी रहा।


कांग्रेसियो ंने पहुंचकर दिया समर्थन- शिक्षाकर्मियों के चक्काजाम की सूचना मिलने के बाद कांग्रेसी जनप्रतिनिधि व पदाधिकरियों ने इसका समर्थन देने के लिए वहां पहंचे। वहीं जिला पंचायत सदस्य व वासुदेव यादव व अन्य भी पहुंचे।

कांग्रेसियों ने सरकार के इस निर्णय का पुरजोर विरोध किया और इसे गलत बताया। यह भी कहा गया है कि रैली में शामिल होने जा रहे लोगों को इस तरह से रोकना काफी गलत है।