
जांंच के बाद विभागीय अधिकाी ने की पुष्टि, पुराना व महासमुंद जिले का है वीडियो
रायगढ़. शहर के पहाड़ मंदिर के पीछे ग्रामीणों द्वारा भालू को घेर कर डंडे से पीट-पीट कर मौत के घाट उतारने का एक वीडियो रविवार की सुबह तेजी से वायरल हुआ।
जिसके बाद विभागीय अधिकारियों की नींद उड़ गई। उसके बाद उन्होंने घटना स्थल का भी मुआयना किया। यह बात सामने आई कि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं है। वहीं उक्त वीडियो महासमुंद जिले का है जो करीब एक से डेढ़ साल पुराना है। पुष्टि होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
रायगढ़ वन मंडल के पहाड़ मंदिर के करीब रविवार की सुबह वन विभाग के कर्मचारी इस बात का पता लगाने पहुंचे थे कि क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा भालू पर हमला कर मौत के घाट उतारा तो नहीं गया है। मामला सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा हुआ है। जिसमें रायगढ़ के पहाड़ मंदिर पर एक ग्रामीण पर भालू हमला करते हुए दिख रहा था।।
चारों तरफ से ग्रामीण, शोर मचा रहे हैं। उसके बाद घेराबंदी कर पहले ग्रामीण की जान बचाते हुए भालू को घेराबंदी कर पीट-पीट कर हत्या कर देते हैं।
शनिवार को ही तेंदूपत्ता का संग्रहण करने संबलपुरी जंगल में गए एक ग्रामीण पर भालू ने हमला कर दिया था। पहाड़ मंदिर व उसके आसपास के क्षेत्र में काफी देर तक खोजबीन व मशक्कत के बावजूद वनकर्मियों को ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं मिली। जब उन्होंने उक्त वीडियो को गौर से देखा तो घटना स्थल व मौसम को देख इस बात की पुष्टि हुई कि यह घटना रायगढ़ की नहीं है।
एक साल पुराना, महासमुंद का है वीडियो
विभागीय जानकारों की माने तो भालू द्वारा ग्रामीण पर हमला करने व उसके बाद घेराबंदी कर उसे मारने का यह वीडियो करीब एक से डेढ़ साल पुराना है। जो प्रदेश के महासमुंद जिले का बताया जा रहा है। रायगढ़ के वाट्सअप ग्रुप में वायरल हुए इस वीडियो ने कुछ पल के लिए विभागीय अधिकारी व कर्मचारी की बेचैनी को जरुर बढ़ा दिया था।
Published on:
06 May 2018 07:24 pm
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