
शहर में डेंगू का खतरा नहीं हो रहा है कम
रायगढ़। Dengue threat in Raigarh: शहर में डेंगू का खतरा अभी भी खत्म नहीं हुआ है, जिसके चलते हर दिन 10 से 15 नए मरीज मिल रहें, जिससे कुछ मरीजों का घर पर ही उपचार हो रहा है तो कुछ को भर्ती करना पड़ रहा है, ऐसे में अब मरीजों की संख्या जिले में 1067 पहुंच गई है। इसके साथ ही एक-दो लोगों की स्थिति गंभीर होने से उपचार दौरान मौत भी रही है, लेकिन पुष्टि नहीं हो पा रही है।
शहर में विगत माह डेंगू के प्रकोप को लेकर कई जगहों को हॉट स्पाट घोषित किया गया था, जिसे कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम द्वारा सफाई के साथ-साथ दवा छिड़काव कर डेंगू के लार्वा को नष्ट किया गया, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे जगह हैं, जहां लार्वा पनप रहे हैं, जिसके चलते लगातार लोग डेंगू के चपेट में आ रहे हैं। साथ ही इन दिनों मौसम में बदलाव होने के कारण भी लोगों के सेहत पर असर पड़ रहा है। जिससे कुछ लोगों द्वारा इन दिनों होने वाले बुखार को गंभीरता से नहीं लेने के कारण स्थिति गंभीर हो जा रही है, जिससे जांच करने पर डेंगू का लक्षण मिल रहा है। देखा जाए तो हर दिन 10 से 15 मरीज सामने आ रहे हैं।
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हालांकि डेंगू का लार्वा नष्ट करने के लिए विभाग द्वारा विगत दो माह से लोगों को जागरूक किया जा रहा है, इसके बाद भी कहीं न कहीं लापरवाही होने के कारण लार्वा पूरी तरह से नष्ट नहीं हो पा रहा है और लगातार मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। ऐसे में अगर स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो शनिवार तक जिले में डेंगू के 1067 मरीज हो गए थे, जिसमें से आधे से अधिक लोग उपचार के बाद स्वस्थ हो गए हैं, लेकिन अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है, नहीं तो फिर से स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की मानें तो अब मौसम साफ होने लगा है, जिससे धूप के कारण डेंगू का लार्वा खुद ब खुद नष्ट हो जाते हैं।
फिर दो लोगों की डेंगू से मौत, पर पुष्टि नहीं
शहर में डेंगू से अभी लोगों की मौत हो रही है, लेकिन इसकी विभागीय पुष्टि नहीं हो पा रही है, परिजनों की माने तो बैकुंठपुर, बस डीपो निवासी सैनी त्रिवेदी की चार दिन पहले तबीयत खराब हुई थी, जिसे रायगढ़ में उपचार के बाद सुधार नहीं होने पर रायपुर रेफर किया गया था, जहां जांच में पता चला कि उसे डेंगू है, जिसकी उपचार के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। इसके साथ ही शहर के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के भैसाकोठा पीडब्ल्यूडी आफिस के पास निवासी गणेश चौहान पिता हरिराम चौहान (54 वर्ष) की दो अक्टूबर को तबीयत खराब हुआ था, जिसे जांच में डेंगू निकला था, जिससे उसका उपचार चल रहा था, लेकिन सुधार नहीं होने पर उसे रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया और उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। अभी तक डेंगू से एक भी मौत की पुष्टि नहीं हो पाई है।
पहले की अपेक्षा डेंगू के मरीजों में काफी कमी आई है, जहां तक मौत की बात तो डेंगू से नहीं अलग-अलग बीमारी से लोगों की मौत हो रही है। - डॉ. टीजी कुलवेदी, नोडल अधिकारी
Published on:
16 Oct 2023 02:18 pm
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