
रायगढ़. बिलासपुर-झारसुगुड़ा तीसरी रेल लाइन व अन्य आवश्यक कार्य को लेकर रेलवे ने पूरे दिसंबर माह को मेगा ब्लॉक के हवाले कर दिया है। जिसकी वजह से एक बार फिर थोक में पैसेंजर ट्रेनों की परिचालन को बाधित किया गया है। जिसकी शुरुआत रविवार से हुई। पहले दिन बीआर लोकल, टिटलागढ़ व सुबह की जेडी पैसेंजर के रद्द होने से यात्रियों की दबाव प्लेटफार्म व एक्सप्रेस ट्रेनों में देखने को मिला।
वहीं जानकारी के अभाव में कई यात्री उल्टे पांव, घर लौटते हुए भी देखे गए। विदित हो कि रेलवे ने 3 से 31 दिसंबर तक मेगा ब्लाक का फैसला किया है। जिसमें 29 दिन तक लगातार 68737/68738 बिलासपुर-रायगढ़-बिलासपुर बीआर मेमू को रद्द किया गया है। वहीं दिसंबर माह के प्रत्येक शनिवार व रविवार को डाउन टिटलागढ़ व अप जेडी को गतंव्य से पहले खत्म कर दिया गया है।
पिछले 4-5 माह से रेलवे ट्रैक मरम्मत, तीसरी लाइन बिछाने व अन्य कार्य की वजह से आए दिन रेलवे द्वारा मेगा ब्लॉक लिए जा रहे हैं। पर हाल के दिनों मे उक्त ब्लॉक की समय अवधि बढ़ा दी गई है। हद तो तब हुई जब रेलवे ने पूरा दिसंबर, मेगा ब्लॉक के नाम कर दिया। जो यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। मिली जानकारी के अनुसार रेलवे का मेगा ब्लॉक तीन दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर तक नियमित रुप से प्रभावी है। इस बीच बिलासपुर ? से सुबह 10.40 में छूट कर रायगढ़ में दोपहर १.१० में आने वाली बीआर लोकल को रद्द किया गया है।
बिलासपुर से बीआर लोकल के नहीं आने की वजह दोपहर 3.25 में रायगढ़ से छूटने वाली बीआर लोकल भी रद्द रहेगी। यह सिलसिला 3 दिसंबर यानि रविवार से शुरु हो गया है। जो लगातार 2 दिनों तक जारी रहेगा। इसके साथ ही रेलवे ने बिलासपुर से सुबह 9.30 में व झारसुगुड़ा से शाम को 6.40 में रायगढ़ पहुंचने आने वाली अप व डाउन टिटलागढ़ पैसेंजर को भी दिसबंर के प्रत्येक शनिवार व रविवार को रद्द किया गया है, जिसमें रायगढ़ से सुबह 8.30 में बिलासपुर जाने वाली जेडी भी शामिल है।
रायगढ़ से छूटने व गुजरने वाली 5 ट्रेनों के रद्द होने व गंतव्य से पहले खत्म होने की वजह से स्थानीय यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। जिसका असर मेगा ब्लॉक माह के पहले दिन ही देखनेे को मिला। टिटलागढ़ पैसेंजर के रद्द होने से यात्रियों का दबाव इतवारी टाटा पैसेंजर व साउथ बिहार एक्सप्रेस में देखा गया। रेलवे के इस फैसले पर यात्रियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसका विरोध भी इंक्वायरी स्टॉफ के समक्ष दर्ज करा रहे थे।
राजस्व पर भी पड़ता है असर
रायगढ़ रेलवे के घटते राजस्व में बार-बार मेगा ब्लॉक प पैसेंजर ट्रेनों के रद्द होने भी एक बहुत बड़ा कारण है। जिसे बुकिंग क्लर्क भी मानते हैंं। उनकी माने तो शासकीय, गैर शासकीय व अन्य यात्रियों की एक बड़ी आबादी, उक्त पैसेंजर ट्रेन से सफर करती है। जिसका राजस्व, बतौर रेल टिकट की बिक्री से रेलवे के खजाने में जाता है। पर करीब एक माह के लिए पैसेंजर टे्रनों के रद्द व गंतव्य से पहले खत्म करने की इस पहल से राजस्व प्रभावित होना तय है।
Published on:
03 Dec 2017 06:25 pm
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