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रायगढ़

मेकाहारा में दो नवजात को मिला नया जीवन

0 एक के कमर में कैंसर तो एक का नहीं बना था आंत0 डेढ़ माह उपचार के बाद सोमवार को किया गया डिस्चार्ज

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रायगढ़. संत गुरुघासीदास चिकित्सालय में बेहतर उपचार के बाद दो नवजात शिशुओं को नया जीवन मिला है। ये दोनों बच्चे गंभीर बीमारी लेकर पैदा हुए थे, जिसमें एक बच्चे के कमर में कैसर था तो दूसरी बच्ची का आंत ही नहीं बना था, जिसे सर्जरी कर अमाशय से जोड़ा गया, ऐसे में अब दोनों बच्चों की स्थिति सामान्य होने के बाद सोमवार को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक करीब सवा माह पहले त्रिवेणी महंत पति ताराचंद महंत (28 साल) को प्रसव पीड़ा होने के बाद मेडिकल कालेज अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था। जहां प्रसूता ने सफल प्रसव में नवजात बालिका को जन्म दिया, लेकिन बच्ची की वजन मात्र 2.3 किलो थी, एवं शुरुआत में समान्य अवस्था मे थी। लेकिन कुछ देर बाद बालिका मां का दूध पीते ही उल्टी कर दे रही थी। जिससे उसका उसका वजन भी लगातार कम होने लगा था। ऐसे में इसकी स्वास्थ्य की चिंता स्वजन को सताने लगी, जहां गायनिक चिकित्सकों ने शिशुरोग विशेषज्ञों से जांच कराने की सलाह दी गई, ऐसे में परिजन मेडिकल कालेज के पीडियाट्रिक सर्जन डां शोभित माने के पास पहुंचे जहां उनकी टीम ने गहन परीक्षण करते हुए सोनोग्राफी, एंजियोग्राफी, एमआरआई व अन्य जांच कराया गया, जिसमे बालिका के पेट में आंत को अविकसित करते हुए उसे अमाशय से जोड़ा गया। ततपश्चात उसे करीब 7 दिन तक डाक्टरो की सघन निगरानी में रखा गया। जो अब सुचारु रूप से शरीर का विभिन्न अंग कार्य कर रहा है। जिससे बच्ची अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
वहीं कुछ दिन पहले एक बच्ची सेक्रो कक्सीजियल टेरोटोमा (कमर में कैंसर) बीमारी के साथ पैदा हुई थी। बताया जाता है कि उक्त बच्ची का सर्जरी कर उसके कमर से करीब ५०० ग्राम का ट्यूमर निकाला गया है। जो मेकाहारा में बेहतर उपचार के बाद करीब डेढ़ माह बाद अब पूरी तरह से स्वस्थ जीवन जी रही है। वहीं बताया जा रहा है कि यह एक दुर्लभ बीमारी है, क्योंकि इस तरह के बीमारी होने से गर्भ में ही बच्चे की मौत हो जाती है, साथ ही करीब १० हजार पैदा हुए बच्चों में कोई एक ही बच पाता है, जिससे इस बच्ची का बेहतर उपचार कर अस्पताल से छुट्टी दी गई है।
संसाधन बढ़ते ही सुविधा में हुआ इजाफा
मेकाहारा अस्पताल अपने नए बिल्डिंग में शिफ्ट होने के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं का इजाफा हो इसके लिए हर स्तर का प्रयास स्वास्थ्य महकमा लगा हुआ है। संसाधनों के बढोतरी होने से सुविधाओं में भी इजाफा हो रहा है तथा डाक्टरो की टीम भी मरीजो की सेवा में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है। यही वजह है कि यहां बेहतर चिकित्सा की लालसा लिए हर दिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
क्या कहते हैं परिजन
इस संबंध में सारंगढ़ थाना क्षेत्र के नंदेली निवासी त्रिवेणी महंत ने बताई कि उसका पहली डिलिवरी होने से उसके परिवार में काफी शुरू था, लेकिन जब पता चला कि बच्ची का आंत ही नहीं बना है तो पूरा परिवार मायुश हो गया, लेकिन मेडिकल कालेज अस्पताल में सफल सर्जरी के बाद अब फिर से परिवार में खुशी आ गई है। साथ ही इनका कहना था कि यहां आने से बगैर खर्च के ही उनकी बच्ची को नया जीवन मिला है।