16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रोजगार गारंटी के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों में जेसीबी का इस्तेमाल, शिकायत के बाद भी अधिकारी अपना एसी केबिन छोडऩे को तैयार नहीं

- लोगों का कहना है कि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की शह में अधिकारियों की मौज है

2 min read
Google source verification
रोजगार गारंटी के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों में जेसीबी का इस्तेमाल, शिकायत के बाद भी अधिकारी अपना एसी केबिन छोडऩे को तैयार नहीं

रोजगार गारंटी के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों में जेसीबी का इस्तेमाल, शिकायत के बाद भी अधिकारी अपना एसी केबिन छोडऩे को तैयार नहीं

लैलूंगा. रोजगार गारंटी के तहत ग्राम पंचायत लिबरा में स्वीकृत निर्माण कार्यों में जेसीबी के इस्तेमाल का लाइव वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। हालांकि इस संदर्भ में सीईओ लैलूंगा द्वारा जांच प्रक्रियाधीन बताई जा रही है पर दिन दहाड़े चल रही इस नाफरमानी के बाद कार्यवाही में लेटलतीफी पर सवाल उठ रहे हैं।

शिकायतकर्ताओं का कहना है की वीडियो में दिख रहा ट्रैक्टर एवं जेसीबी मशीन उपसरपंच का है और वर्तमान में रोजगार गारंटी के तहत ग्राम पंचायत मे स्वीकृत हितग्राहियों के समस्त कार्यो को दिनदहाड़े इन्ही के जरिए अंजाम तक पहुंचाया गया है। गौरतलब है कि इस संबंध में रोजगार सहायक जलिंधर नाग का कहना है कि उसकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर हितग्राहियों द्वारा जेसीबी से डबरी निर्माण कराया गया है। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि दबंग उपसरपंच द्वारा सरपंच एवं रोजगार सचिव की मिलीभगत से सोची समझी रणनीति के तहत इस गोरखधंधे को अंजाम दिया है।

Read More : इस चुनाव में दिव्यांगों को नहीं होना पड़ेगा परेशान, जानें चुनाव आयोग ने क्या दिए निर्देश

बहरहाल जो भी हो वायरल वीडियो मौके पर जेसीबी के निशान और रोजगार सहायक के बयान के बाद भी कार्यवाही में लेट लतीफी समझ से परे है। ज्ञात हो की विकासखंड लैलूंगा की विभिन्न पंचायतों से पुख्ता प्रमाणों के साथ आ रही रोजगार गारंटी जैसी महत्वकांक्षी योजना में जेसीबी के इस्तेमाल के बाद शिकायतों के बावजुद एक तरफ मुख्यालय में बैठे अधिकारी अपना एसी केबिन छोडऩे को तैयार नहीं है तो दूसरी तरफ चुनावी वर्ष में विकास यात्रा के तहत विकास जताने पंचायतों का रास्ता नाप रहे जनप्रतिनिधि मौके पर कार्यवाही कराने का आश्वासन देकर इन गंभीर मसलों पर बचते नजर आते है।

ऐसे में क्षेत्र में लंबे समय से बने अराजकता के इस माहौल में मुख्यमंत्री की विकास यात्रा को लेकर भी लोग सवाल कर रहे हंै। लोगों का कहना है कि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की शह में अधिकारियों की मौज है और जनपद परिसर में जांच के नाम पर बस खानापूर्ती कर मामलो में लीपापोती की जा रही है। लोगों का मानना है कि अवैध रूप से चलाई जा रही इन मशीनों की जब्ती बनाकर इस गोरखधंधे पर लगाम एवं इसमें संलिप्त वाहन मालिकों पर सख्ती बरती जा सकती है।

-मौके पर अवैध रूप से चलाई गई जेसीबी का वीडियो बनाकर वायरल किया जा चुका है। निशान भी मौजूद है ऐसे में जांच के कई दिनों बाद भी कार्यवाही में लेट लतीफी से लोगो में रोष पनप रहा है। दोनों वाहन उपसरपंच के है जब्ती की कार्यवाही की जानी चाहिए। गोविन्द राम पटेल, शिकायतकर्ता लिबरा

-जांच में आए अधिकारियों ने किसी से संपर्क नहीं किया। वो कब आए और चले गए कुछ पता ही नहीं चला। इस दौरान रोजगार सचिव का भी बयान लिया जाना था पर वो मौके से नदारत था। संतोष चौहान, ग्राम पंचायत लिबरा

-मेरी अनुपस्तिथि में हितग्राहियों द्वारा किराए पर लाकर जेसीबी चलवाई गई है। मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं थी इसकी जांच भी मेरी अनुपस्तिथि में हुई है। जलिंधर नाग, रोजगार सचिव लिबरा

-मामले की जांच चल रही है रिपोर्ट आने पर हितग्राहियों के कार्य निरस्त कर भुगतान रोकने के बाद दोषियों के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जाएगी। लक्ष्मी नारायण सिदार, सीईओ लैलूंगा

बड़ी खबरें

View All

रायगढ़

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग