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गुस्साए ग्रामीणों ने छात्रों के साथ मिलकर स्कूल में जड़ दिया ताला, जानें क्यों नाराज हैं इस गांव के ग्रामीण व बच्चे

- इतना ही नहीं ग्रामीण वहीं पर बड़ी संख्या में धरना प्रदर्शन भी शुरू कर चुके हैं।

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गुस्साए ग्रामीणों ने छात्रों के साथ मिलकर स्कूल में जड़ दिया ताला, जानें क्यों नाराज हैं इस गांव के ग्रामीण व बच्चे

गुस्साए ग्रामीणों ने छात्रों के साथ मिलकर स्कूल में जड़ दिया ताला, जानें क्यों नाराज हैं इस गांव के ग्रामीण व बच्चे

रायगढ़। जिले में शिक्षा खासकर सरकारी शिक्षा की क्या स्थिति है ये तो बोर्ड के परिणाम और सरकारी स्कूलों में पासिंग परसेंट से पता चल जाता है, पर शिक्षा को लेकर सेटअप या संसाधन की क्या स्थिति है इसकी बानगी आज देखने को मिल रही है। बरमकेला ब्लाक के सरायपाली, मौहाडीपा के माध्यमिक शाला यानि की मिडिल स्कूल में ग्रामीणों की भीड़ ने तालाबंदी कर दी है। इतना ही नहीं ग्रामीण वहीं पर बड़ी संख्या में धरना प्रदर्शन भी शुरू कर चुके हैं।

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गुस्साए ग्रामीणों का कहना है कि विकासखंड के सरायापाली मौहाडीपा माध्यमिक शाला में पिछले दो सत्र से शिक्षकों की कमी है, आलम यह है कि पिछले सत्र से ही एक शिक्षक के भरोसे स्कूल का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई सही तरीके से नहीं हो पा रही है। इसके कारण गांव के पालक और ग्रामीण काफी परेशान हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि इस स्कूल में शिक्षक की मांग के लिए कभी शिक्षा अधिकारी, कभी जिलापंचायत सीईओ तो कभी कलक्टर तक से गुहार लगाई जा चुकी है इसके बाद भी यहां पर शिक्षकों की पोस्टिंग नहीं की गई है। ऐसे में यहां पढ़ रहे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। पालक ये सोचकर अपने बच्चे को स्कूल भेजते हैं कि वो वहां पढ़ाई करेगा जबकि स्कूल की हकीकत यह है कि यहां पर केवल खानापूर्ति करवाई जा रही है।

घटती जा रही है बच्चों की संख्या
इस मामले में ग्रामीणों का कहना है पिछले सत्र में इस स्कूल में दर्ज बच्चों की संख्या 43 थी, पर शिक्षक की कमी और पढ़ाई को चौपट होता देख बच्चे अब यहां से टीसी कटवा रहे हैं और स्कूल छोड़कर जा रहे हैं। वर्तमान में ये संख्या 30 रह गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हाल में ही छह और बच्चों ने स्कूल से अपनी टीसी कटवा ली है।

होनी थी पढ़ाई, जड़ दिया ताला
ग्रामीणों में इस बात को लेकर आक्रोश तो काफी पहले से ही था, पर प्रशासन की लापरवाही के कारण अब यह गुस्से और विरोध में बदल गया है। शुक्रवार को दस बजे जब स्कूल खुलने और पढ़ाई कार्य आरंभ होने का समय था तो ग्रामीण वहां पहुंचे और स्कूल में ताला जड़ दिया। मौके पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी यानि बीईओ पहुंच गए हैं, ग्रामीणों को समझा रहे हैं पर ग्रामीण मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तब शिक्षक की व्यवस्था नहीं होती है तब तक ताला भी बंद रहेगा और हमारा धरना भी चलता रहेगा।