
रायगढ़. निर्मल भारत अभियान के तहत ग्राम पंचायत लेबड़ा में सरपंच सचिव ने मिलकर 296 शौचालय का राशि बिना निर्माण किए ही आहरण कर लिया। इस मामले में शिकायत के बाद हुई जांच में साढ़े तेरह लाख रुपए की अनियमितता पायी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जारी नोटिस के बाद भी राशि जमा नहीं करने वाले लेबड़ा के तात्कालीन सरपंच राधा बाई के खिलाफ वारंट जारी किया गया है। वर्ष 2012 में निर्मल भारत अभियान के तहत ग्राम पंचायत लेबड़ा में 425 यूनिट शौचालय निर्माण की स्वीकृति देते हुए 19 लाख 55 हजार 4 सौ रुपए जिला पंचायत ने जारी किया था।
जिसमें हितग्राहियों के घरों में शौचालय का निर्माण किया जाना था, लेकिन वर्ष 2015 में गांव से मिली शिकायत में यह बात सामने आयी कि इस योजना में खुलकर अनियमितता की गई है। जिस पर तात्कालीन जिला पंचायत सीईओ ने 5 सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच का आदेश दिया। पांच सदस्यीय टीम द्वारा जब इस मामले में जांच किया तो पता चला कि 129 शौचालय का निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा किया गया है शासन द्वारा प्रति शौचालय 46 सौ रुपए के हिसाब से 5 लाख 93 हजार 4 सौ रुपए खर्च किया गया है जबकि आहरण पूरे 425 शौचालय का किया गया है।
इस प्रकार बिना निर्माण किए 296 शौचालय का राशि मय ब्याज सहित सहित 13 लाख 62 हजार 2 सौ रुपए वसूली करने के लिए अनुमोदन किया गया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर तात्कालीन जिला पंचायत सीईओ ने वसूली के लिए प्रकण एसडीएम को 24 मई 2016 को दिया गया।
नोटिस के बाद जमा
जिसमें एसडीएम के नोटिस के बाद सरपंच सचिव ने कोर्ट में 6 लाख 56 हजार 3 सौ रुपए जमा किया गया। इसके बाद जारी कई बार नोटिस के बाद भी दूसरा किस्त का राशि जमा नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर एसडीएम ने तात्कालीन सरपंच राधा बाई के खिलाफ वारंट जारी किया है।
Published on:
28 Dec 2017 12:57 pm
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