रायगढ़. शराब पीने के बाद छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या कर दी। वहीं साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से लाश को अर्धजलि हालत में छिपा कर फरार हो रहा था, लेकिन जूटमिल पुलिस ने उसे बस स्टैंड के पास गिरफ्तार कर लिया है।
इस संबंध में पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीते २९ जनवरी को सोनूमुड़ा में एक युवक की अर्धजलि अवस्था में लाश मिली थी। जिसकी शिनाख्ती जूटमिल थाना क्षेत्र के सोनूमुड़ा भक्तिनपारा निवासी जितेश चौहान पिता मोहन लाल के रूप में हुई थी। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपी रितेश पिता मोहनलाल चौहान मृतक का भाई है। मृतक जितेश चौहान की शराब पीने का आदी था। जितेश शराब पीने के लिए घर के सामानों को धीरे-धीरे बेच रहा था। 29 जनवरी की रात करीब 9 बजे जितेश शराब लेकर सोनमुड़ा घर में आया। दोनों मिलकर शराब पीए। इस दौरान जितेश को घर के सामानों को क्यों बेचते हो बोला। तब जितेश नाराज होकर लड़ाई झगड़ा करने लगा। भाई के शराबखोरी से परेशान होकर उससे छुटकारा पाने के मकसद से पास पड़े ईट के टुकड़े से जितेश के कनपटी के पास मारा जिससे जितेश की मौत हो गई, तब डर से आनन-फानन में भाई के लाश को पास में पड़े प्लास्टिक बोरी और पुराने कपड़ो के साथ लाइटर से जला दिया। लाश पूरा नहीं जल पाया, तब लाश को दूसरे खुला कमरे में घसीटते लाकर छोड़ दिया था और घटना समय पहने शर्ट, लाइटर को छिपाकर तालाब के पानी में हाथ-पैर धोकर अपने पिता और छोटे भाई के पास सारंगढ़ जाने के लिए बस स्टैंड की ओर निकला था। इस बीच वह पकड़ा गया। आरोपी के मेमोरेंडम पर छिपा रखा हुआ लाल रंग का शर्ट और लाइटर को जब्त किया गया है। आरोपी को बीते सोमवार की देर शाम गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायिक अभिरक्षा के लिए सीजीएम कोर्ट रायगढ़ पेश किया गया है।
इनकी रही मुख्य भूमिका
मामले की पतासाजी व गिरफ्तारी में थाना जूटमिल/साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक कमल किशोर पटेल, प्रधान आरक्षक मो. दिलदार कुरैशी, खीरेन्द्र जलतारे, आरक्षक बनारसी सिदार, धनुजज़्य चंद बेहरा, जितेन्द्र दुबे, सत्या यादव और विनय तिवारी की प्रमुख भूमिका रही है।