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पान दुकान वाले के खाते से सवा लाख पार, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर की ऑनलाइन ठगी

- जामताड़ा गैंग का शिकार हुआ पान दुकान वाला, तेलीबांधा इलाके का मामला .  

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CYBER CRIME

CYBER CRIME

रायपुर। बैंक अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने एक दुकानदार को ठग लिया। एटीएम कार्ड अपडेट करने का झांसा देकर उनके बैंक खाते से एक लाख से अधिक पार कर दिए। इसकी शिकायत पर तेलीबांधा पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है। ऑनलाइन ठगी के पीछे जामताड़ा गिरोह का हाथ होने की आशंका है।

पुलिस के मुताबिक श्याम नगर निवासी बसंत कुमार अमलानी की पान दुकान है। 13 सितंबर को एक व्यक्ति ने उन्हें फोन किया और खुद को सेंट्रल बैंक का अधिकारी बताया। इसके बाद उसने बताया कि आपका एटीएम ब्लॉक होने वाला है। इसे अपडेट करना होगा। एटीएम ऑनलाइन ही अपडेट हो सकता है। यह कहते हुए उसने एटीएम कार्ड की जानकारी मांगी।

बसंत फर्जी बैंक अधिकारी की बातों में आ गया। उसने अपने एटीएम कार्ड के 16 अंकों की जानकारी दी। इसके बाद कार्ड के पीछे लिखे सीवी नंबर भी दे दिया। इसके बाद उनके बैंक खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी नंबर आया। बसंत ने ठग को ओटीपी नंबर भी बता दिया। इसके कुछ देर बाद उनके बैंक खाते से अलग-अलग किस्तों में 1 लाख 14 हजार 985 रुपए निकल गए। अगले दिन इसकी जानकारी बैंक से ली गई। बाद में घटना की शिकायत बसंत ने तेलीबांधा थाने में की। पुलिस ने अज्ञात ठग के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।

12 बार ओटीपी बताया
ऑनलाइन ठगी करने वाले इतने शातिर हैं कि उसने खुद को बैंक अधिकारी बताकर बसंत को एेसा झांसा दिया कि वह उस पर पूरी तरह से भरोसा कर लिया। आरोपी ने एटीएम कार्ड नंबर, सीवी नंबर लेने के बाद ऑनलाइन शॉपिंग की। इस दौरान 12 बार ओटीपी जननेट हुआ। और सभी ओटीपी बसंत के बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए। इसके बाद ठग ओटीपी पूछता गया और बसंत ओटीपी बताता रहा। इस तरह बसंत ने ठग को 12 बार ओटीपी बताया। इसके बाद भी उसे आरोपी शक नहीं हुआ। और वह ठगी का शिकार होता रहा। एक एटीएम और उससे जुड़े खाते की रकम निकालने के बाद ठग ने बसंत से दूसरे एटीएम कार्ड का नंबर मांगा। इसके बाद बसंत को शक हुआ। और उसने दूसरे एटीएम कार्ड का नंबर बताने से इनकार कर दिया। इसके बाद ठग ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर दिया।