
1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ के सभी 26 टोल प्लाजा पर नया नियम ( photo - Patrika )
Toll Plaza New Rules: अजय रघुवंशी. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर कैश लेन-देन खत्म करने का निर्णय लिया है। इसके मुताबिक सिर्फ ऑनलाइन या फास्टैग से पेमेंट स्वीकार होगा। देशभर में नियमों का असर प्रदेश के जिलों में कुल 26 टोल प्लाजा पर भी लागू होगा। प्रदेश (Chhattisgarh) में 2008 के पहले कई सडक़ों का निर्माण बीओटी सिस्टम से हुआ है। यहां टोल प्लाजा की राशि कंपनी के हिस्से में जा रही है। प्रदेश में एनएच के 3620 किमी. में कुल 26 टोल प्लाजा हैं।
नियमों के मुताबिक 60 किमी. से कम दूरी पर सिर्फ एक टोल प्लाजा हो सकता है, लेकिन प्रदेश के कई जिलों में 25-30 किमी. की दूरी पर भी टोल प्लाजा हैं। सरकार का मकसद है कि टोल प्लाजा पर गाडिय़ों की आवाजाही बिना रुकावट हो और समय की बचत हो। अधिकारियों के मुताबिक देश के 98 प्रतिशत वाहनों में फास्टैग लग चुका है। अब टोल प्लाजा पर यूपीआई से भी भुगतान की सुविधा दी जा रही है, जिनके पास फास्टैग नहीं है, वे सीधे डिजिटल भुगतान कर सकेंगे।
अगर किसी वाहन में वैध फॉस्टैग नहीं है और वह कैश देता है, तो ऐसे में उसे दोगुना टोल देना पड़ता है। वहीं, यूपीआई से भुगतान करने पर 1.25 गुना शुल्क लिया जाता है। साफ है कि सरकार पहले से ही डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रही है।
कैश भुगतान की वजह से टोल प्लाजा पर अक्सर लंबी लाइनें लग जाती हैं, खासकर व्यस्त समय में नकद लेन-देन में समय ज्यादा लगता है और कई बार विवाद भी हो जाते हैं। डिजिटल सिस्टम लागू होने से ट्रैफिक का प्रवाह बेहतर होगा और टोल पार करने में कम समय लगेगा।
जिन वाहनों में फास्टैग नहीं है, उनके लिए कई टोल प्लाजा पर यूपीआई से भुगतान की सुविधा शुरू की गई है। यानी ड्राइवर QR कोड स्कैन करके सीधे डिजिटल तरीके से भुगतान कर सकते हैं। इससे साफ है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है।
Published on:
30 Mar 2026 12:22 pm
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