
Chhattisgarh news: छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) से सप्लाई 40 मिलीग्राम वाली 10 लाख पेंटाप्राजोल टेबलेट सब स्टैंडर्ड निकली। सेंट्रल लैब मुंबई से इसकी जानकारी भी तब आई, जब सारे टेबलेट मरीजों में बांटे जा चुके थे। इस टेबलेट की सप्लाई आंबेडकर समेत दूसरे मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पतालों में पिछले साल जुलाई में सप्लाई हुई थी। इसका बैच नंबर पीएनटी 23001 है, जो मई 2023 में बनी थी।
इसकी एक्सपायरी डेट अप्रैल 2025 है। यह मान फार्मास्यूटिकल लिमिटेड नामक कंपनी में बनी थी। यह उपयोग में आने वाली कॉमन दवा है, जिसकी अस्पतालों में सबसे ज्यादा खपत होती है। यह गैस की दवा है, लेकिन एंटी बॉयोटिक व पेन किलर के साथ दी जाती है। ताकि गैस न बने। इसे खाली पेट यानी सुबह खाई जाती है।
पत्रिका की पड़ताल में पता चला है कि यह दवा सितंबर में ही खप गई थी। यानी मरीजों को बांट दी गई थी। यह दवा वार्डों में भर्ती मरीजों के अलावा ओपीडी में आने वाले मरीजों को दी गई। सीजीएमएससी ने आंबेडकर अस्पताल में 60 हजार पेंटाप्राजोल टेबलेट सप्लाई किया था, जो सितंबर में ही खत्म हो गया। इसकी सप्लाई रायपुर की एक एजेंसी ने की थी। इसे ब्लैक लिस्टेड करने की तैयारी की जा रही है।
अमानक दवा का अर्थ
सब स्टैंडर्ड दवा का मतलब इसमें मिलाए गए साल्ट की मात्रा निर्धारित से कम या ज्यादा हो सकती है या यह पूरी तरह नकली भी हो सकती है। इसका मतलब ये है, इसमें जरूरी कांपोनेंट मिलाए ही न गए हो। सीनियर फॉर्माकोलॉजिस्ट व एम्स के रिटायर्ड डीन डॉ. एसपी धनेरिया के अनुसार अगर इसमें कम या ज्यादा साल्ट होने पर मरीजों को नुकसान होता है। अगर इसमें कोई कांपोनेंट न हो तो मरीज की बीमारी ठीक नहीं होगी। साथ में दी गई दवा का साइड इफेक्ट ज्यादा होगा।
हर विभाग में होता है उपयोग इसलिए खपत ज्यादा
फार्मासिस्ट व अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस दवा का उपयोग हर वार्ड में उपयोग किया जाता है। ओपीडी के डॉक्टर भी इसे लिखते हैं। उदाहरण के लिए पेन किलर खाना हो या एंटी बायोटिक दवा, इस दवा को खाने के पहले सुबह खाली पेट पेंटाप्रोजाल को खाने की सलाह दी जाती है। मेडिसिन के अलावा पीडियाट्रिक, ऑर्थोपीडिक, कैंसर, कैंसर सर्जरी, ईएनटी, ऑब्स एंड गायनी के अलावा सभी विभाग के डॉक्टर इस दवा को मरीज के लिए लिखते हैं।
सीजीएमएससी ने किया है 5 लैब से एमओयू
सीजीएमएससी ने देश के विभिन्न 5 लैब से एमओयू किया है, ताकि पुख्ता जांच होने के बाद अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई की जा सके। इसके बावजूद लैब रिपोर्ट आए बिना अस्पतालों में दवा सप्लाई व इसे मरीजों के बांटने पर सवाल उठ रहे हैं। कॉर्पोरेशन का दावा रहता है कि जब टेंडर के बाद संबंधित कंपनी या सप्लायर दवाओं की सप्लाई करता है तो इसे बैच के अनुसार लैब में टेस्ट के लिए भेजा जाता है। लैब से ओके रिपोर्ट होने के बाद ही अस्पतालों में सप्लाई की जाती है। तब तक ये दवाएं कॉर्पोरेशन के वेयर हाउस में रखी रहती है।
पेंटाप्रोजाल टेबलेट अगर सब स्टैंडर्ड निकली है तो संबंधित सप्लायर व कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसकी डिटेल जानकारी मंगाई जा रही है। दवाओं की गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जाएगा।
पद्मिनी भोई साहू, एमडी सीजीएमएससी
सेंट्रल लैब से पेंटाप्रोजाल टेबलेट के सब स्टैंडर्ड होने की जानकारी आने के बाद सभी विभागों को इसका उपयोग नहीं करने को कहा गया। हालांकि जब तक रिपोर्ट आई, तब तक दवा का स्टॉक खत्म हो गया था।
डॉ. एसबीएस नेताम, अधीक्षक आंबेडकर अस्पताल
Published on:
18 Jan 2024 12:50 pm
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