
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: मोबाइल सिम खरीदते समय लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। टेलीकॉम कंपनियों के कई पीओएस एजेंट साइबर ठगों के एजेंटों के लिए काम कर रहे हैं। ग्राहकों के नाम से सिम कार्ड लेकर ठगों के एजेंटों को बेच रहे हैं।
ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रेंज साइबर थाना की टीम ने ऐसे 13 पीओएस एजेंट को गिरफ्तार किया है। साइबर ठगी के लिए म्यूल बैंक खाता देने के मामले की जांच चल रही है। इसी के तहत इन बैंक खातों से लिंक मोबाइल नंबरों की जांच की गई। ये मोबाइल नंबर जिनके नाम से लिए गए थे, उन्हें इन नंबरों की जानकारी ही नहीं थी। इसके बाद साइबर की टीम ने जहां से ये सिम खरीदे गए थे। वहां छापा मारा।
आरोपी जब भी कोई ग्राहक नया सिम लेने या सिम पोर्ट के लिए आते थे, तो उनका डबल थंब स्कैन या आई आंखों की छवि से ई-केवाईसी करते थे। ऐसा करके वे दो सिम अलॉट करवा लेते थे। एक सिम को ग्राहक को दे देते थे और दूसरी खुद रख लेते थे। इस दौरान कस्टमर के पास आधार कार्ड की फोटोकॉपी लेकर उसका विवरण स्वयं ही वेरीफाई कर केवायसी के माध्यम से अतिरिक्त सिम चालू करवा लेते थे। इन फर्जी सिम को म्यूल अकाउंट के ब्रोकर, संवर्धक और संचालकों को बेचते थे।
कुलवंत सिंह छाबड़ा, खेमन साहू, अजय मोटघरे, ओम आर्य, चंद्रशेखर साहू, पुरूषोत्तम देवागंन, रवि कुमार साहू, रोशन लाल देवागंन, के.शुभम सोनी, के.वंशी सोनी, त्रिभुवन सिंह, अमर राज, विक्की देवांगन को गिरफ्तार किया गया है।
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: टीम ने एयरटेल कंपनी के 11 पीओएस सेंटर रवि मोबाइल दुर्ग, श्री मोबाइल दुर्ग, वंदना मोबाइल दुर्ग, कुलवंत मोबाइल अंबागढ़, अज्जू मोबाइल डोंगरगढ़, हर्ष मोबाइल, के वामसी मोबाइल दुर्ग, निखिल मोबाइल राजनांदगांव, साहू ऑनलाइन सेंटर, रजत किराना रायपुर, राज मोबाइल दुर्ग और जियो के 1 सचिन कुमार जैन प्वाइंट ऑफ सेल के संचालकों को गिरफ्तार किया।
जांच के दौरान ठगी में ऐसी 7063 सिम और 590 मोबाइल का इस्तेमाल होने का पता चला है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले साइबर ठगी में इस्तेमाल 68 म्यूल बैंक खाताधारक , 4 बैंक अधिकारी और 13 खाताधारकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब पीओएस एजेंट धरे गए हैं।
Updated on:
21 Feb 2025 09:58 am
Published on:
21 Feb 2025 09:57 am
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