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IPS Santosh Singh: छत्तीसगढ़ कैडर के IPS संतोष सिंह को केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारी, CISF में बनेंगे DIG

IPS Santosh Singh: छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के IPS संतोष सिंह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे। उन्हें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में डीआईजी की जिम्मेदारी मिली है..

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IPS Santosh Singh: छत्तीसगढ़ कैडर के IPS संतोष सिंह को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी ( Photo - Patrika )

IPS Santosh Singh: रायपुर एसपी रहे IPS संतोष सिंह को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। वो केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में डीआईजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को लेकर गृह मंत्रालय ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि 2011 बैच के आईपीएस संतोष सिंह वर्तमान में संतोष सिंह पुलिस मुख्यालय में डीआईजी सीसीटीएनएस/एससीआरबी के पद पर पदस्थ हैं।

IPS Santosh Singh: तत्काल रिलीव करने का आदेश

मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स ने आईपीएस संतोष सिंह की डेपुटेशन को मंजूरी देते हुए आदेश जारी कर दिया हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में आईपीएस सिंह को तत्काल नई जिम्मेदारी पर ज्वाइन करने के लिए रिलीव करने कहा गया हैं। बता दें कि अवैध नशे के खिलाफ आईपीएस संतोष सिंह के निजात अभियान के चलते उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईएससीपी अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

क्या काम करता है सीआईएसएफ

केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल CISF केंद्र की सुरक्षा एजेंसी है जो केंद्र के औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा करती है। एयरपोर्ट,परमाणु संयंत्र संस्थानों, सरकारी इमारतों और देश की संसद की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी इन पर है। हाल ही में बंदरगाहों की सुरक्षा का भी जिम्मा सौंपा गया है।

नशे के खिलाफ ‘निजात अभियान’ से मिली पहचान

आईपीएस संतोष सिंह रायपुर एसपी रहे। इस दौरान शहर में क्राइम और नशे के खिलाफ लगतार कार्रवाई की। वे अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण अभियानों के लिए जाने जाते हैं। विशेष रूप से अवैध नशे के खिलाफ चलाए गए उनके ‘निजात अभियान’ ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना हासिल की थी। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करना और समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल करना था।

इस अभियान के प्रभाव और सफलता को देखते हुए संतोष सिंह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित किया गया था। उन्हें आईएससीपी अवार्ड से नवाजा गया था, जो अपराध नियंत्रण और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों को दिया जाता है।